फरीदाबाद के DAV कॉलेज में इन दिनों NSS का 7 दिन का कैंप चल रहा है. जब Local18 की टीम वहां पहुंची तो बच्चों में जबरदस्त एनर्जी दिखी. बच्चों को यहां तरह-तरह की ट्रेनिंग मिल रही है कम्युनिकेशन, टीम वर्क, लीडरशिप, स्टेज पर बोलना समाज सेवा और अनुशासन सब कुछ एक साथ.
NSS में क्या कुछ खास है
बीएससी कंप्यूटर साइंस के छात्र और NSS वालंटियर बहादुर कुमार ने बताया कि ये कैंप उनके अंदर की छुपी काबिलियत को बाहर लाने में मदद करता है. हम 7 दिन में बहुत कुछ सीखते हैं कम्युनिकेशन स्किल्स काफी बेहतर हो जाती हैं. साथ में 5% का फायदा भी मिलता है एडमिशन या जॉब में. मैं भागलपुर, बिहार में भी एक कैंप में गया था. हरियाणा से 10 बच्चे गए थे पांच लड़के, पांच लड़कियां. वहां करीब 15 से 16 राज्यों के बच्चे थे हम हर एक्टिविटी में बेस्ट रहे.
NSS बच्चों का डर दूर कर देता है
छात्र गोलू कुमार झा कहते हैं कि NSS बच्चों का डर दूर कर देता है. कई बार बच्चों को भीड़ के सामने बोलने में डर लगता है लेकिन यहां आकर धीरे-धीरे वो डर निकल जाता है. टीम कैसे मैनेज करनी है लीडर में क्या-क्या क्वालिटी होनी चाहिए ये सब यहीं सीखते हैं.
बीजेएमसी थर्ड ईयर की छात्रा जयाकांत द्विवेदी ने कहा NSS ने मेरी पर्सनालिटी पूरी तरह बदल दी. पहले स्टेज पर बोलने में डरती थी अब कैमरे के सामने भी आराम से बोल लेती हूं. कैंप की वजह से मैं मनाली भी गई थी. आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में 16,000 फीट की ऊंचाई पर खुद से हाइड गेम में हिस्सा लिया बिना किसी गाइडेंस के.
रानी का अनुभव भी कुछ ऐसा ही रहा. NSS में आने के बाद पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया. माइक पर बोलने का कॉन्फिडेंस नहीं था लेकिन यहां नुक्कड़ नाटक किए लोगों को जागरूक किया और अब खुलकर बोल पाती हूं.
कैंप में क्या कुछ खास है
BCA फाइनल ईयर के निखिल नागर ने कहा इंटरव्यू में सबसे बड़ी दिक्कत यही होती है कि बच्चे ढंग से बोल नहीं पाते. यहां 7 दिन में बच्चों को यही सिखाया जाता है कैसे बोलना है अपने आपको कैसे प्रेजेंट करना है. अभी जब कुछ बच्चों का इंट्रोडक्शन लिया तो कुछ लड़कियों की आंखों में आंसू आ गए, क्योंकि उन्होंने कभी भीड़ के सामने नहीं बोला था. लेकिन यही बच्चे कुछ दिनों में कॉन्फिडेंट हो जाते हैं. NSS सर्टिफिकेट से पता चलता है कि हमने टीम वर्क किया है वालंटियर रहे हैं और जिम्मेदारी निभाई है.
कॉलेज के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. जितेंद्र कहते हैं NSS का असली मकसद युवाओं को समाज सेवा से जोड़ना है. ये योजना युवाओं को बेहतर नागरिक बनाने के लिए शुरू हुई थी. हम हर महीने अलग-अलग एक्टिविटी रखते हैं. जो बच्चे दिल से काम करना चाहते हैं वही जुड़ते हैं. इससे एडमिशन और जॉब में भी फायदा मिलता है कई जगह 5% का बेनिफिट भी मिल जाता है.
बच्चों में आत्मविश्वास लाता है
कुल मिलाकर NSS सिर्फ कैंप या सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं है. ये बच्चों में आत्मविश्वास लाता है. यहां वे सीखते हैं समाज के लिए क्या कर सकते हैं टीम में कैसे काम करना है और खुद को कैसे आगे बढ़ाना है.
पढ़ाई के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट भी जरूरी
आज के दौर में जब पढ़ाई के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट भी जरूरी है NSS एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन गया है. जो बच्चे कॉलेज लाइफ को सिर्फ क्लासरूम तक नहीं रखना चाहते उनके लिए NSS सच में बेहतरीन मौका है, सीखने आगे बढ़ने और समाज के लिए कुछ करने का.
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