जिले के सिंगबहाल गांव में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में परिजनों ने ताला जड़ दिया। स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। उन्होंने शिक्षिका कंचन भोई पर बच्चों को ठीक से न पढ़ाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला सिंगबहाल में कुल 18 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के लिए विद्यालय में एक शिक्षक और एक शिक्षिका नियुक्त हैं। परिजनों का आरोप है कि शिक्षिका कंचन भोई बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान नहीं कर रही हैं। उनकी पढ़ाई अच्छे से न होने के कारण स्कूली बच्चे लगातार कमजोर होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 7 दिन के भीतर शिक्षिका को हटाने की स्पष्ट मांग की थी। यह शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से की गई थी। शिक्षिका को नहीं हटाए जाने से परिजन अत्यधिक नाराज थे। इसी गहरी नाराजगी के चलते उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।
एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन
परिजनों ने करीब एक घंटे तक स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के कारण स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य दांव पर है।
बीईओ के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सरायपाली के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से बातचीत की और उनकी सभी समस्याओं को ध्यान से सुना। बीईओ ने शिक्षिका को हटाने के लिए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ही नाराज परिजनों ने स्कूल का ताला खोला और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
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