मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के हकीमी अस्पताल में एक महिला की मौत होने पर उसके परिजनों ने जमकर हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही और एनेस्थीसिया के अत्यधिक डोज़ से महिला की मौत हुई है। हालंकि इस दौरान मौके पर पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज माने और थाना प्रभारी अमित जादौन ने परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। फिलहाल महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहीं, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है या फिर मेडिकल जटिलता के कारण।मिली जानकारी के अनुसार महिला का यूट्रस का चौथा ऑपरेशन किया जाना था। वहीं, उसके परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के समय डॉक्टरों ने मरीज को एनेस्थीसिया का अत्यधिक डोज दिया था। जिससे भर्ती महिला को उल्टी होने लगी और कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज माने और थाना प्रभारी अमित जादौन ने परिजनों को शांत कराया और समझाइश दी। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अगर पीएम रिपोर्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अमित यादव ने परिजनों को आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई दोषी होगा तो निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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इधर, अस्पताल संचालक रुबीना बोहरा ने परिजनों के इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि महिला का यूट्रस जन्मजात रूप से सेप्टिक था, जिसे पूरी तरह ठीक करने के लिए चार ऑपरेशन जरूरी थे। इनमें से पहले तीन ऑपरेशन सफल रहे थे, लेकिन चौथे ऑपरेशन के दौरान महिला कोलैप्स हो गई। उन्होंने बताया कि महिला का केस मेडिकल रूप से जटिल था, फिर भी हमने पूरी कोशिश की, लेकिन ऑपरेशन के दौरान वह कोलैप्स कर गई।
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