गौरेला पेंड्रा मरवाही में नाबालिग लड़की के साथ नदी किनारे दुष्कर्म के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायालय पेंड्रारोड ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने गौरेला थाना क्षेत्र के सधवानी गांव से जुड़े इस जघन्य अपराध में आरोपी रामकुमार भरिया को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 17 दिसंबर 2024 का है।
अदालत के अनुसार, 17 दिसंबर 2024 को सधवानी क्षेत्र में 16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग पीड़िता अपनी बड़ी बहन के साथ आग ताप रही थी। इसी दौरान उसकी बहन घर के भीतर चली गई, तभी आरोपी मौके पर पहुंचा और नाबालिग लड़की को जबरन नदी किनारे ले जाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर गौरेला थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और आरोपी को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 5(ठ) सहपठित धारा 6 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जो अभियुक्त के शेष जीवनकाल तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही ₹5000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा आरोपी को बीएनएस एक्ट की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1000 जुर्माना, तथा धारा 65(1) के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं ₹1000 अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।
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