सुल्तानपुर। रसोई गैस सिलिंडरों के लिए बृहस्पतिवार को भी कई गैस एजेंसियों व गोदामों पर उपभोक्ताओं की कतार लगी रही। इन एजेंसियों पर पहुंचे सभी उपभोक्ताओं ने एक ही समस्या बताई कि बुकिंग के बाद भी नहीं सिलिंडर नहीं मिल रहे। विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत से छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद होने लगे हैं। हालांकि, पूर्ति विभाग पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है।
जिले में 42 गैस एजेंसियों से करीब छह लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं। सहालग और रमजान की माह की वजह से सिलिंडरों की मांग भी बढ़ी है। जिले में इस समय एक दिन में औसतन 50 से अधिक शादियां हो रही हैं। परिवार के लोग इस समस्या से परेशान हैं। कुछ लोग रिश्तेदार व पड़ोसियों से सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं। कुछ जगहों पर मजबूरी में लकड़ी का उपयोग होने लगा है। गैस सिलिंडर की समस्या का असर लंभुआ, बल्दीराय, कादीपुर, अखंडनगर, दोस्तपुर, कुड़वार सहित कई क्षेत्रों में देखने को मिला।
g गैस खत्म हो गई है, नहीं उठे अधिकारियों के फोन : विंदेश्वरीगंज। देहलीबाजार स्थित गैस एजेंसी पर बृहस्पतिवार को गैस खत्म हो गई की नोटिस लगी मिली। सुखबड़ेरी निवासी शिवा ने बताया कि बुकिंग के बाद भी गैस नहीं मिली। आरोप लगाया कि डीएसओ के नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। मायंग निवासी राम शरण ने बताया कि सर्वर फेल होने से बुकिंग भी नहीं हो सकी। स्थानीय पूर्ति विभाग के अधिकारियों के फोन भी नहीं उठे।
लकड़ी, कोयला व डीजल भट्ठी का सहारा : कैटरिंग व्यवसायी अनुराग मिश्र ने बताया कि एक कार्यक्रम के लिए 10 की जगह सिर्फ छह सिलिंडर मिले। बाकी काम लकड़ी व कोयले से करना पड़ा। वहीं, राम सहाय मिश्र ने बताया कि बुधवार को एक आयोजन के लिए सिलिंडर नहीं मिला। ऐसे में लकड़ी, कोयले व डीजल भट्ठी से खाना बनाना पड़ा। वैकल्पिक ईंधन के कारण करीब 50 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है।
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