तेजस्विनी सिंह ने AIR 1 लाने वाले अनुज अग्निहोत्री को पछाड़ा
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इंटरव्यू राउंड में शामिल 958 उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा अंक तेजस्विनी सिंह को मिले हैं. उन्हें इंटरव्यू में 275 में से 225 अंक प्राप्त हुए, जो इस साल का सबसे अधिक स्कोर है. हालांकि, तेजस्विनी ने मेंस परीक्षा में 782 अंक हासिल किए थे. इस तरह उनके कुल अंक 1007 रहे और उन्हें ऑल इंडिया रैंक 62 मिली. अगर मेन्स में उनके अंक थोड़े और अधिक होते तो उनकी रैंक और भी बेहतर हो सकती थी.
किसे मिले इंटरव्यू में सबसे कम अंक?
इस साल इंटरव्यू में सबसे कम अंक 602वीं रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार दीपक बघेल को मिले हैं. उन्हें इंटरव्यू में 275 में से केवल 132 अंक ही प्राप्त हुए हैं. हालांकि, उनके मेंस में 814 अंक थे, जिसकी वजह से उनके कुल अंक 946 रहे और वे फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहे.
पहले तीन टॉपर्स के इंटरव्यू में कितने अंक आए
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री ने कुल 1071 अंक प्राप्त किए हैं. उनके मेंस में 867 और इंटरव्यू में 204 अंक आए. वहीं, दूसरे स्थान पर रहीं राजेश्वरी सुवे एम के ने कुल 1067 अंक हासिल किए हैं, जिनमें मेंस के 865 और इंटरव्यू के 202 अंक शामिल हैं. इसके अलावा, तीसरे स्थान पर रहे अकांक्ष ढुल के कुल 1057 अंक रहे, जिनमें मेंस में 864 और इंटरव्यू में 193 अंक मिले हैं.
कौन हैं UPSC CSE 2025 के इंटरव्यू राउंड की टॉपर तेजस्विनी सिंह?
झारखंड के बोकारो की रहने वाली तेजस्विनी सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 62वीं रैंक हासिल कर अपने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है. तेजस्विनी बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ अलग-अलग को-करिकुलर एक्टिविटीज में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं.
IIM CAT में लाई थीं 99.84 परसेंटाइल
तेजस्विनी ने अपनी स्कूली शिक्षा बोकारो के DPS स्कूल से हासिल की, जहां उन्होंने नर्सरी से लेकर 12वीं तक पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने 2018 में बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मैनेजमेंट की तैयारी भी की और IIM CAT परीक्षा में 99.84 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.
दो साल नौकरी करने के बाद शुरू की UPSC की तैयारी
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद तेजस्विनी ने बेंगलुरु की एक कंपनी में लगभग दो साल तक काम किया. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. पिछले एक साल से वह बोकारो स्थित अपने घर पर रहकर पूरी मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं और आखिरकार उन्हें उनकी मेहनत का फल मिल गया.
तेजस्विनी के पिता राजेश कुमार बोकारो स्टील प्लांट (सेल) में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. उनकी मां डॉ. पल्लवी प्रवीण बोकारो कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की प्रोफेसर हैं. परिवार के सदस्यों ने बताया कि तेजस्विनी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार और क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है. उनके रिश्तेदारों और शिक्षकों ने भी उनकी सफलता पर खुशी जताई है.
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