शुभम बताते हैं एक समय था जब बेड से उठना मुश्किल था, 2 महीने तक दीवार पकड़ कर चला था. फाइनेंशली भी अधिक मजबूत नहीं था. लेकिन मेरे भीतर बच्चों को पढ़ाने का फैशन बहुत ही जबरदस्त था. इसलिए आद छात्र हमारे पास पढ़ना पसंद करते हैं..
शुभम बताते हैं एक समय था कि ऐसे हालात थे बेड से उठना मुश्किल था, 2 महीने तक दीवार पकड़ कर चलता था. फाइनेंशली भी अधिक मजबूत नहीं था. लेकिन मेरे भीतर बच्चों को पढ़ाने का फैशन बहुत ही जबरदस्त था. ऐसे में घर के एक कमरे से ही कोचिंग शुरु की. वहीं, आज रांची का टॉप मोस्ट कोचिंग इंस्टिट्यूट बन चुका है.
बच्चों को पढ़ाने का अंदाज भी है खास
शुभम ने लोकेलिटी को बताया बच्चों के साथ आप शक्ति से पेश नहीं आ सकते. उनके साथ एक हेल्दी रिलेशनशिप बिल्ड करना पड़ता है और सिर्फ पढ़ाई से नहीं होता है हम उनको बताते हैं कैसे आपको योगा करना है, मेडिटेशन करना है, जिससे आपको और क्वालिटी मिलेगी, आपकी गहराई और बढ़ेगी और आप चीजों को बहुत ही क्लियरली और अच्छे से समझ पाएंगे.
यहां पर हर तरह के बच्चे आते हैं हम सब पर एक ही नियम लागू नहीं कर सकते ऐसे में हर बच्चे का अलग-अलग पोटेंशियल होता है हम देखते हैं कि बच्चों में कितनी क्षमता है अगर किसी में काम है तो उसको बढ़ाने के लिए पहले हम बोलते हैं तो कुछ पते होते हैं इतनी तेज होते हैं कि एक बार में ही सब कुछ पकड़ लेते हैं ऐसे में सबके लिए अलग स्ट्रेटजी अपनानी पड़ती है.
बच्चों के साथ मस्ती भी
हम लोग बच्चों के साथ मस्ती करते हैं. कभी साथ बैठकर खाना खाते हैं. एक हेल्दी रिलेशनशिप बिल्ड होगा तभी बच्चे खुलकर आपसे बात कर पाएंगे, समस्या बता पाएंगे. क्योंकि, पढ़ाई सिर्फ एक फैक्टर है इसके अलावा भी जीवन में कई सारे फैक्टर होते हैं, जो पढ़ाई को बहुत प्रभावित करते हैं. ऐसे में अगर उनको कोई समस्या है तो हम वह भी सुनते हैं और उसका भी हल ढूंढते हैं. अगर कोई बच्चा नहीं पढ़ पा रहे तो जानने की कोशिश करते हैं कारण क्या है. तो उस कारण को सबसे पहले हम हल करते हैं. सिर्फ यह बोल देना की आपको 4 घंटे पढ़ना है ऐसा नहीं होता.
पिता की सीख को जीवन में अपनाया
उन्होंने आगे बताया, मेरे पिता पुलिस डिपार्टमेंट में थे और हम चार भाई बहन थे. ऐसे में सबको मैनेज करना थोड़ा कठिन तो होता है. लेकिन पिता ने हमें बोला कि तुम किसी से खुद को कम नहीं समझना, जो भी काम करो ईमानदारी से करो. अपने बारे में अच्छा सोचो तो अच्छा होगा और जो काम को करो पूरी लगन के साथ करो. ऐसे में उनकी सीख को हमने हथियार बना कर जीवन के हर चुनौती को पार किया है. बता दें, कि इस बार भी AIR 22 शौर्य सहदेव झारखंड बिहार के CLAT टॉपर बने हैं और वह भी उन्हीं के स्टूडेंट है.
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with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
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