3 महीने का बस समय बचा है, यह गलती न करें
• एक्सपर्ट समिता ने बताया, 3 महीने का जो आखिरी समय होता है, ये सिर्फ और सिर्फ रिवीजन का समय होता है. अब आपको नया मैटीरियल नहीं छूना है. कोई नया टॉपिक नहीं पढ़ना है, कोई नई चीज में हाथ नहीं लगाना है. आपने जो दो-तीन साल काम किया है, अब बस उसी को दोहराने का समय है.
• 25 बार दोहराइए, 30 बार दोहराइए, 40 बार दोहराइए. जितनी बार दोहरा सकते हैं, दोहरा दीजिए. खासतौर पर मैथ्स में बच्चे काफी कन्फ्यूज करते हैं और यह तभी होता है जब प्रैक्टिस की कमी रहती है. जितना हो सके प्रैक्टिस करें और हर दिन दो-तीन मॉक दीजिए.
• मान लीजिए मैथ्स में कुछ चैप्टर छूट जाते हैं तो जो छूट गया है अब उसे छोड़ दीजिए. लेकिन जो आपने किया हुआ है, उसी को 30 से 40 बार प्रैक्टिस कर लीजिए. नई चीज पढ़कर कुछ न आने से अच्छा है कि जो है उसमें मास्टर हो जाएं.
• क्योंकि अभी रिटर्न एग्जाम है, 12 अप्रैल को. तो इस दौरान आपको एक टाइम टेबल बनाकर पढ़ना होगा. सात-आठ घंटे जो भी आपकी सहूलियत के अनुसार हों, अलॉट कर लीजिए. मैथ्स, फिजिक्स सबके लिए अलग-अलग टाइमिंग सेट कर लीजिए.
• इसके साथ ही जब मॉक टेस्ट देते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि मॉक पेपर लेकर बैठकर क्वेश्चन सॉल्व करना शुरू कर दें. आपको 3 घंटे का टाइमर सेट कर लेना है. एक ऐसा कमरा चुनें जहां 3 घंटे आपको कोई डिस्टर्ब न करे. आप अकेले रूम में रहें तो ज्यादा अच्छा है. अब सोचिए कि आप एग्जाम में ही बैठे हैं, इसी तरीके से आपको मॉक देना है.
• ऐसा करने के बाद खुद का सेल्फ एनालिसिस कीजिए. अपने टीचर्स को दिखाइए और उनसे डिस्कस करिए कि मार्क्स क्यों कट रहे हैं, कहां गलती हो रही है. यह भी देखिए कि कहीं आप नर्वस तो नहीं हो रहे हैं. अगर ऐसी कोई बात है तो सबसे पहले दिमाग को एकदम शांत रखना जरूरी है.
• एक और बात का ध्यान रखना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, जितना भी कठिन क्वेश्चन आ जाए, आपको नर्वस किसी भी हाल में नहीं होना है. छोटे-छोटे दो-चार सवाल से बिल्कुल भी घबराना नहीं है. जिंदगी बहुत लंबी है, यह तो बस एक एग्जाम है. अपनी तरफ से अपना बेस्ट दें और दिमाग को एकदम शांत रखें, फिर देखिए कठिन से कठिन सवाल भी आपको समझ में आने लगेंगे.
• मैथ्स में खासतौर पर त्रिकोणमिति जैसे चैप्टर खूब पढ़िए. इसमें से कई सवाल आ जाते हैं और इसे बनाना भी काफी आसान होता है. इसलिए ऐसे आसान चैप्टर को मत छोड़िए. परसेंटेज और प्रॉफिट एंड लॉस जैसे चैप्टर बनाना आसान है, इसलिए इनमें से एक भी सवाल न छूटे, यह एकदम गांठ बांध लीजिए.
• फिजिक्स में कुछ सिंपल फॉर्मूला होते हैं और कुछ सिंपल डेफिनेशन होती हैं. जो आपको याद नहीं हो रही हैं, उन्हें आप दीवार पर चिपका लीजिए. ये छोटी-छोटी चीजें कई बार एग्जाम में बहुत बड़ा रोल निभाती हैं. हर दिन सुबह उठकर एक बार इन्हें जरूर देख लीजिए.
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