शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के अंतर्गत गिलटाड़ी गांव में मौजूद थे, जहां उन्होंने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने देवता के मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों को इस आयोजन पर शुभकामनाएं दीं और देवता से क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। रोहित ठाकुर ने बताया कि हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां की देव संस्कृति का अपना एक अलग और विशेष रंग है जो सारी दुनिया में और कहीं देखने को नहीं मिलता। प्रदेश में मनाए जाने वाले मेले और त्योहारों में हमारी इस जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अनुष्ठान हमारी देव संस्कृति का प्रतीक है और यह आवश्यक है कि हम सब इन सांस्कृतिक धरोहरों को संजो कर रखें जिससे हमारी महान और अनूठी देव संस्कृति अनंतकाल तक संरक्षित रह सके।
इस मंदिर का निर्माण 2022 में किया गया था और आज 6 माह पूर्व निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा पूरे वैदिक विधि से मंत्रोच्चार से की गई। इस दौरान महिलाओं की ओर से भव्य कलश यात्रा भी निकली गई है। उन्होंने बताया कि 2023 में गिलटाड़ी गांव के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण भी करवाया गया था। गौरतलब है कि गुडारू देवता महासू देवताओं में एक प्रमुख देवता है और गिलटाड़ी के अतिरिक्त झालटा और क्वालटा में इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इस शुभ अवसर पर महासू देवता के मूल स्थान हनोल (उत्तराखंड) से बोठा महासू, वाशिक महासू, पवासी महासू और चालदा महासू देवताओं के चिन्ह स्वरूप डोरिया को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, पूर्व जिला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, देवता कमेटी के सदस्यों सहित सभी विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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