70 से अधिक हैं कॉलेज
फिलहाल मगध विश्वविद्यालय के अंतर्गत गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल में 20 अंगीभूत कॉलेज और 70 से ज्यादा संबद्ध कॉलेज हैं. विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के परंपरागत एवं वोकेशनल कोर्स को मिलाकर 40 से अधिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है. मगध विश्वविद्यालय के विशाल कैंपस में ही आईआईएम की स्थापना की गयी.
बता दें कि मगध विश्वविद्यालय की परीक्षाएं एवं उसके शैक्षणिक सत्र पूरी तरह से नियमित हो चुके हैं. जहां AI तथा कंप्यूटर साइंस आदि अनेक नये कोर्सों की भी पढ़ाई शुरू होने वाली है. नवंबर 2025 में एक दशक बाद विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. हाल ही में 9 जनवरी को बिहार राज्य विश्वविद्यालयों में पहले कॉफ़ी टेबल बुक का लोकार्पण बिहार के लोक भवन में हुआ.
22 विषयों में होता है स्नातकोत्तर
मगध विश्वविद्यालय मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में 22 विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्रदान करता है और पत्रकारिता एवं जनसंचार, जैव रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यावरण विज्ञान, पुस्तकालय विज्ञान, महिला अध्ययन, होटल, आतिथ्य एवं पर्यटन प्रबंधन, योग, शिक्षा, विदेशी भाषाएँ, फिजियोथेरेपी आदि जैसे कई व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करता है.
1 लाख बच्चों का होता है एडमिशन
कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने बताया पिछले 3 वर्षों में विश्वविद्यालय ने प्रगतिपथ पर तीव्र यात्रा की है. यह स्थापना दिवस विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और उसकी 65 वर्षीय यात्रा को याद करने का दिन है. उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में विश्वविद्यालय में काफी बदलाव आए हैं. शैक्षणिक सत्र समय से चल रहा है. कोई भी बच्चा आंदोलन नहीं कर रहे हैं. 155 परीक्षाओं का संचालन किया गया है. अभी हमारे यहां बच्चों के नामांकन भी एक लाख से अधिक हो गए हैं.
स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और विधानपरिषद के सभापति डॉ. अवधेश नारायण सिंह का विशिष्ट अतिथि के रूप में आगमन संभावित है. इस अवसर पर परीक्षा विभाग के नए भवनों का शिलान्यास भी प्रस्तावित है.
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