झारखंड में JSSC के परिणाम के साथ कई प्रेरक कहानियां सामने आईं हैं. इसी कड़ी में गढ़वा के अनिल चौधरी का भी संघर्ष भरा किस्सा है. जिन्होंने 8 साल की अथक मेहनत से सरकारी नौकरी का सपना पूरा किया है. खास बात यह है कि उनकी पढ़ाई पूरी हो, इसके लिए उनकी पत्नी ने नौकरी की. पति का हौसला बढ़ाती रही. इसी का नतीजा है कि आज अनिल को ASO का पद प्राप्त हुआ है.
‘परिवार की जिम्मेदारी हम संभाल लेंगे’
अनिल की इस सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणास्रोत उनकी पत्नी हैं. 2022 में शादी के बाद उनकी पत्नी (पंचायत सचिव) ने उन्हें पूरी तरह से करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा. पत्नी का यह अटूट विश्वास कि ‘आप अपना करियर पर ध्यान दीजिए, परिवार की जिम्मेदारी हम संभाल लेंगे’. अनिल के लिए सबसे बड़ी ताकत बना. इस सपोर्ट के कारण अनिल बिना किसी आर्थिक या पारिवारिक चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सके.
अनिल के पिता ब्रह्मदेव चौधरी खुद एक किसान हैं. पर उन्होंने भी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी. भले ही उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. फिर भी हमेशा अनिल को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया.
JPSC में कुछ अंकों से चुके
अनिल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव में पूरी की और 2017 से गंभीरता से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. उन्होंने पटना जाकर दो साल तैयारी की और इस दौरान कई बार असफलता का सामना किया. यहां तक कि वह दो बार JPSC परीक्षा में भी कुछ अंकों से चूक गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
लंबे आठ साल के संघर्ष और निरंतर प्रयास का परिणाम यह रहा कि वह अंततः ASO बनने में सफल हुए. उनके पिता ब्रह्मदेव चौधरी ने गर्व से कहा कि उनके परिवार में यह पहली सरकारी नौकरी है. अब गांव के लोगों का कहना है कि अनिल की यह यात्रा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है. परिवार का अटूट समर्थन और निरंतर मेहनत हर कठिन मंज़िल को आसान बना देती है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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