प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम ज़ोनल ऑफिस ने दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में दस जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। कुख्यात गैंगस्टर इंद्रजीत सिंह यादव, उनके साथियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ चल रहे मनी
तलाशी और ज़ब्ती अभियान के दौरान 05 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपए नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस और इंदरजीत सिंह और उसके साथियों से जुड़ा डिजिटल डेटा ज़ब्त किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच इंद्रजीत सिंह यादव की अवैध उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों के जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों से धमकाने और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने के संबंध में शुरू की गई है। ED ने हरियाणा पुलिस और UP पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट, 1959, BNS, 2023 और IPC, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत इंद्रजीत सिंह यादव और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज 15 से ज़्यादा FIR और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की।
जेम रिकार्ड इंटरटेनमेंट के मालिक
इन FIR में आरोप लगाया गया है कि मैसर्ज जेम रिकार्ड इंटरटेनमेंट (जो ‘Gems Tunes’ के नाम से काम करती है) के मालिक और मुख्य नियंत्रक इंद्रजीत सिंह यादव एक जाना-माना बाहुबली है जो हत्या, उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों द्वारा दिए गए लोन का जबरन सेटलमेंट, धोखाधड़ी, ठगी, अवैध ज़मीन हड़पने और हिंसक अपराधों जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल है।
इंद्रजीत सिंह यादव हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है और फिलहाल फरार है और UAE से काम कर रहा है। ED की जांच में पता चला कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और कुछ अन्य कॉर्पोरेट हाउस कथित तौर पर डीघल, झज्जर के प्राइवेट फाइनेंसरों से बड़ी रकम कैश में उधार लेते थे और सिक्योरिटी के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी करते थे।
वित्तीय विवादों का जबरन सेटलमेंट करवाता है
जांच में यह भी पता चला कि इंदरजीत सिंह यादव एक बाहुबली और वसूली करने वाले के तौर पर काम करता था, जो इन करोड़ों रुपए के बड़े प्राइवेट लोन लेनदेन और वित्तीय विवादों का जबरन सेटलमेंट करवाता था। ये सेटलमेंट कथित तौर पर धमकियों, डराने-धमकाने और विदेश से काम करने वाले संगठित अपराध सिंडिकेट की मिलीभगत से हथियारबंद साथियों और स्थानीय हथियारबंद गिरोहों के इस्तेमाल से किए जाते थे।
लग्जरी कारों को खरीदने और शानदार जीवन का शौक
इस सेटलमेंट की प्रक्रिया में उसने कथित तौर पर इन कॉर्पोरेट से कमीशन के तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपए कमाए। इंद्रजीत सिंह यादव द्वारा इन धोखाधड़ी के तरीकों से कमाए गए करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल कथित तौर पर अचल संपत्तियों, लग्जरी कारों को खरीदने और शानदार जीवन जीने के लिए किया जाता था, जबकि वह न्यूनतम आयकर रिटर्न दाखिल करता था।
परिवार के सदस्यों के नाम खरीदी प्रॉपर्टी
तलाशी में यह भी पता चला कि इंदरजीत सिंह यादव ने कॉर्पोरेट घरानों और प्राइवेट फाइनेंसरों के बीच लोन सेटलमेंट के लिए एक वेबसाइट पोर्टल बनाया और चलाया था। इसके अलावा तलाशी अभियान के दौरान यह भी पता चला कि इंदरजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर अपराध से मिले पैसों से कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं।
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