डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में जानकारी देेते सीएमओ डॉ. राकेश नेगी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित आईजीएमसी के डॉ. राघव निरूला की बर्खास्तगी के विरोध में डॉक्टरों का प्रदर्शन अब जनजातीय जिला किन्नौर तक पहुंच गया है। प्रदेशव्यापी आह्वान पर क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ के सभी डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और मरीजों की सामान्य पर्चियां नहीं बनाई गईं। अस्पताल प्रबंधन ने केवल आपातकालीन श्रेणी के मरीजों को ही प्रवेश दिया।
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में सन्नाटा
ओपीडी बंद होने के कारण इमरजेंसी में हुआ इलाज
इस बीच, सापनी गांव से अपनी आंखों का इलाज करवाने आए एक बुजुर्ग मरीज ने बताया कि ओपीडी बंद होने के बावजूद उन्हें इमरजेंसी में देखा गया। उन्होंने कहा, “मेरा इलाज आपातकालीन विभाग में किया गया और मुझे अस्पताल से सात दिनों की दवाइयां भी दी गईं।

इमरजेंसी में मरीजों का इलाज करते डॉक्टर
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण ओपीडी सेवाएं बाधित
किन्नौर के सीएमओ डॉ. राकेश नेगी ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और मरीजों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी सेवाएं डॉक्टरों की हड़ताल के कारण बाधित हुई हैं।
सीएमओ ने बताया कि सभी चिकित्सकों को अपने-अपने स्टेशन पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीज का तुरंत उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.