लोकायुक्त संगठन मध्यप्रदेश के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आवेदक राजेश पंवार पिता गोविंद पंवार, निवासी ग्राम बिस्टान, जिला खरगोन, ठेकेदारी का कार्य करते हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड एवं चेक डैम निर्माण कार्य के लिए पंचायत से ठहराव प्रस्ताव बनवाकर 20 जनवरी 2026 को संबंधित फाइल जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को सौंपी थी।
आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने के एवज में आरोपी ने उसी समय 10 हजार रुपये ले लिए और कहा कि कुल 10 लाख रुपये के कार्य में कुछ प्रतिशत देना होगा। आरोपी ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये अन्य अधिकारी के नाम पर अलग से देने की बात भी कही।
आवेदक ने इस संबंध में शिकायत राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर से की। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। सत्यापन के दौरान आरोपी ने दो नई फाइलों को स्वीकृत कराने के लिए पुनः 10 हजार रुपये की मांग की।
इसके बाद आवेदक ने अंबाह पंचायत के सरपंच से दो नए कार्यों के ठहराव प्रस्ताव स्वीकृत करवाए और फाइलें तैयार कर लीं। आरोपी से तय हुआ कि 26 फरवरी 2026 को रिश्वत की राशि के साथ फाइलें सौंपी जाएंगी।
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निर्धारित योजना के अनुसार 26 फरवरी को ट्रैप दल का गठन किया गया। जैसे ही आरोपी महेंद्र सिंह चौहान ने आवेदक से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे खरगोन में रंगे हाथ पकड़ लिया।
इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इंदौर सुनील तालान के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, शैलेन्द्र सिंह बघेल, कमलेश तिवारी और प्रभात मोरे शामिल रहे। मामले में आगे की जांच जारी है।
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