शहर को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर कवायद तेज हो गई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से पहले जमीन के सर्वे के लिए विशेषज्ञ टीम गठित कर दी है।
राजनगर एक्सटेंशन में 38 एकड़ भूमि पर स्टेडियम का निर्माण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और जीडीए की संयुक्त देखरेख में प्रस्तावित है। जीडीए अधिकारियों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्टेडियम की क्षमता, पार्किंग, एप्रोच रोड, जल निकासी व अन्य बुनियादी सुविधाओं का खाका तय किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की संभावना भी तलाशी जा रही है।
डीपीआर से पहले जमीनी हकीकत पर फोकस
जीडीए अधिकारियों का कहना है कि जमीन की स्थिति, स्वामित्व, भू-उपयोग और कनेक्टिविटी का आकलन किए बिना डीपीआर बनाना व्यावहारिक नहीं होगा। इसी उद्देश्य से तकनीकी और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। स्टेडियम के आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना भी है। लक्ष्य है कि स्टेडियम सिर्फ मैचों का स्थल न होकर स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट हब के रूप में विकसित हो।
मुख्यमंत्री के सामने होगा प्रस्तुतिकरण
परियोजना को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष जल्द ही विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया जाएगा। इसमें भूमि चयन, लागत, निर्माण अवधि और संभावित राजस्व मॉडल की जानकारी साझा की जाएगी। शासन स्तर से हरी झंडी मिलते ही डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह स्टेडियम तैयार होने पर शहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी कर सकेगा। इससे गाजियाबाद को आर्थिक और खेल, दोनों दृष्टि से बड़ा लाभ मिलेगा।
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