भास्कर संवाददाता | विदिशा आज आप एसएटीआई के ग्राउंड पर क्रिकेट खेल रहे हैं। कल आप राष्ट्रीय क्षितिज पर खेल में नाम कमाएं ताकि मैं कह सकूं जब मैं विदिशा में पोस्टेड था, तब यह खिलाड़ी विदिशा में खेलता था। खेल में जीतना महत्वपूर्ण नहीं है। अनुशासन और खेल भावना जरूरी है। यह बात एसपी रोहित काशवानी ने कही। वे 23वीं राज्य स्तरीय इंटर इंजीनियरिंग श्रीमंत माधवराव सिंधिया मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। एसपी काशवानी ने कहा कि खेल की विशेषता यह है कि टीम में सभी जाति, वर्ग के विद्यार्थी शामिल होते हैं। बिना भेदभाव के सभी भाईचारा से खेलते हैं और नेतृत्व क्षमता के गुर सीखते हैं। उन्होंने बड़े महाराज श्रीमंत माधवराव सिंधिया को नमन करते हुए एसएटीआई प्रबंधन को शानदार पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि एसएटीआई के इस प्रयास से प्रदेशभर के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को एक प्लेटफार्म मिलता है, जहां वे अपनी खेल प्रतिभा को निखार सकते हैं। परंपरा का रखें ध्यान कार्यक्रम का शुभारंभ कैलासवासी महाराज माधवराव सिंधिया की तस्वीर पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि से हुआ। अतिथियों के स्वागत एवं उन्हें बैज लगाने के बाद एसएटीआई निदेशक डॉ. वायके जैन ने सभी को संबोधित करते हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में खेल भावना का प्रदर्शन कर आयोजन की परंपरा का ध्यान रखें। स्कूलिंग के समय से ही क्रिकेट खेलते रहे हैं माधवराव: महाराजा जीवाजीराव एज्युकेशन सोसायटी के सचिव डॉ. लक्ष्मीकांत मरखेड़कर ने संबोधित करते हुए बड़े महाराजा कैलासवासी माधवराव सिंधिया की क्रिकेट के प्रति दीवानगी की हद तक रुचि, गहराई एवं समर्पण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वे अपनी स्कूलिंग के समय से ही क्रिकेट खेलते रहे हैं। उन्होंने ग्वालियर में सिंधिया गोल्ड कप टूर्नामेंट का शुभारंभ किया था। वे मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। उन्होंने बीडीसीए के संयुक्त सचिव संदीप सिंह डोंगर की प्रशंसा करते हुए बताया कि उनके प्रयास से ही विदिशा का कनारा क्रिकेट क्लब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सका है। आयोजन समिति के डॉ. राजेंद्र दुबे ने बताया कि यह आयोजन सप्ताह भर चलेगा।
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