-डिजिटल अरेस्ट कर 2.92 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पूर्व की पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट करके 2.92 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक आरोपी को सात दिसंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने अगस्त में लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। कंबोडिया से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई है।
आरोपी की पहचान सूरत (गुजरात) के मारुति नगर निवासी चिराग कांजी (28) के रूप में हुई है, जोकि 10वीं पास है। आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि वह वर्ष 2021 से दुबई में वर्क वीजा पर गया था। अगस्त 2025 में वहां से कंबोडिया जाकर चाइना मूल के लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी का काम करने लगा था। चिराग कांजी ने बताया कि 4 दिसंबर 2024 को 2.92 कराेड़ रुपये की ठगी के मामले में पीड़ित को फर्जी टेलीकॉम अधिकारी बनकर ऑडियो व वीडियो कॉल की गई थी। आधार कार्ड का प्रयोग हवाला के काम में प्रयोग हुआ बताकर अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में ठगी करके अलग-अलग बैंक खातों में 2.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए थे। आरोपी ने बताया कि वह कॉलिंग टीम का सदस्य था। इसके बदले इसको कंबोडियन मुद्रा में कमीशन मिलता था। साइबर ठगी से प्राप्त कमीशन की राशि कंबोडियन मुद्रा को वह बिटकॉइन वैलेट के माध्यम से अपने अन्य साथियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था।
वर्जन
आरोपी चिराग कांजी को दो दिन के रिमांड पूरा होने के बाद 9 दिसंबर को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया है। डिजिटल अरेस्ट करके ठगी के मामले में आरोपी चिराग कांजी व आरोपी आशीष, रमनलाल सहित 19 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।– प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम।
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