CBI की तरफ से रिश्वत मामले में गिरफ्तार किए गए DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ चार्जशीट आज आरोपी पक्ष को दी गई है। इसमें शिकायतकर्ता आकाश बत्ता, मिडलमैन कृष्णु और DIG एचएस भुल्लर के बीच हुई कई बार की बातचीत की वॉइस रिकार्डिंग है।
चार्जशीट में सरहिंद पुलिस स्टेशन में आकाश बत्ता के खिलाफ आपराधिक मामले के जांच अधिकारी से केस की ली गई नोटिंग, सीडीआर और टावर की कॉल को केस को मजबूत करने के आधार के तौर पर लगाया गया है।
केस को मजबूत करते हुए CBI की तरफ से DIG कार्यालय के पुलिस अफसरों और वहां से सेवादार तक की गवाही दर्ज करते हुए शिकायतकर्ता, मिडिल मैन कृष्णु और आरोपी हरचरण सिंह भुल्लर की आवाज सुनाकर इसकी पुष्टि करवाई गई है।
हालांकि, इनसे बरामद हुए मोबाइल फोन, आवाजों के लिए गए सेंपल व वाट्सएप के डाटा समेत दूसरे डिवाइस की FSL रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
कोर्ट में पेशी के दौरान जाते डीआईजी भुल्लर।
रिश्वत के लिए जांच अधिकारी का तबादला करवाया
CBI ने आकाश बत्ता के खिलाफ 29 सितंबर 2023 को दर्ज की गई एफआईआर का जिक्र चार्जशीट में किया है। मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रणजीत सिंह के बयान दर्ज किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि उससे रोपड़ रेंज के डीआईजी द्वारा उक्त FIR की जानकारी मांगी गई थी और उसने केस के बारे में नोटिंग भेजी थी। यही नहीं फाइल एसएसपी कार्यालय की तरफ से मंगवा ली गई और इसके बाद उसने मामले की जांच नहीं की।
इस घटनाक्रम का पूरा पीरियड वही था जब आकाश बत्ता और कृष्णु के बीच में रिश्वत के लिए बातचीत कौर दौर चल रहा था। रणजीत सिंह के बयानों और इस पूरे घटनाक्रम को प्रमुखता से लिखा गया है।
CBI सब इंसपेक्टर ने देखा पूरा घटनाक्रम
आकाश बत्ता की तरफ से CBI को शिकायत अगस्त 2025 में दी थी। CBI ने FIR दर्ज करने से पहले पूरे सबूत एकत्र करने शुरू कर दिए थे। सब इंसपेक्टर स्तर के एक अधिकारी को शिकायतकर्ता के साथ लगाया गया।
आकाश बत्ता को वॉयस रिकार्डिंग के लिए नए मेमरी कार्ड दिलाए गए थे। जब ही आकाश बत्ता और कृष्णु मिलते तो CBI अधिकारी उन्हें कुछ दूरी पर रहकर वॉच करता था और प्रयास करता था कि उनकी बातें सुनता रहा।
सबूत के तौर पर तीन बार की वॉयस रिकार्डिंग को सबूत के तौर पर रखा गया था। CBI की तरफ से दो अधिकारियों को गवाह बनाकर नोटों पर रंग लगाकर उसे गिरफ्तार किया था। यही नहीं इसके बाद भी उसकी बात DIG HS भुल्लर से करवाई गई थी और इसे भी रिकॉर्ड किया गया।

कृष्णु की वो गलतियां, जिससे उसने IPS अधिकारी को फंसाया
- वह जब भी आकाश बत्ता से मिला तो उसकी गाड़ी में बैठकर बातचीत करता रहा
- Bhullar से वॉट्सऐप पर बात स्पीकर ऑन करके करता रहा और वह रिकॉर्ड हो गईं
- आकाश बत्ता के कहने पर उसके सामने ही DIG से बातें करता था, जिससे आकाश बत्ता CBI को अपडेट कर रहा था।
- रिश्वत लेने के लिए अपनी गाड़ी में बैठा रहा, रिश्वत के लिए जगह ओपन चुन ली, यहां पुलिस को आना आसान रहा।
- रिश्वत लेने के बाद भी DIG भुल्लर को वॉट्सऐप पर स्पीकर ऑन करके बाद की और वह भी रिकार्ड कर ली।

इन कॉल रिकार्डिंग को चालान में लाया गया
11 अक्टूबर 2025 को बातचीत के दौरान, आकाश बत्ता ने आरोपी कृष्णु से डीआईजी भुल्लर से बात करने का अनुरोध किया क्योंकि उसे आशंका थी कि मामले में उसके खिलाफ चालान प्रस्तुत किया जाएगा।
- आकाश बत्ता ने कृष्णु से पूछा- “एनू आज किना दइये। (आज उसे कितना देना चाहिए?)
- कृष्णु ने जवाब दिया- “जिन्ना ओ मंग रेहा है, 2 महीने दा ऐदा होया पेया। (जो वह मांग रहा है दे दो… दो महीने की राशि बकाया है)
- आकाश ने कहा- “मेनू 4 ही कहा सी, चार ही देना है (मुझे शुरू में 4 लाख बताए थे… मैं केवल चार दे सकता हूं)
- कृष्णु ने कहा- “इक रेहंदा है पुराना (एक लाख पहले से बकाया है)
- आकाश ने जवाब दिया- पुराना भी लाख मांग रहा है?
- आकाश बत्ता ने निवेदन किया- “केह दे यार 4 ही एहदे कोल, वो भी किसी तो मांग के करेया। (कृपया उसे बताओ कि मेरे पास केवल 4 हैं… वह भी मैंने कठिनाई से दूसरों से व्यवस्था की है)।
कृष्णु और डीआईजी एचएस भुल्लर के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत
कृष्णु- हैलो…… कित्थे हो जी (हैलो सर, आप कहां हैं?)
एच हरचरण सिंह भुल्लर – सुना नहीं गया।
कृष्णु – समराले जी, ओ ना हुने वाइफ नू दिखाने आया सी…… आकाश बत्ता उथे है अपने पीजीआई, कहंदा जी शाम नू मेरे तो फड़ लो, ते शाम तक मै 5 या 6 बजे तक चंडीगढ़ आ जाउंगा जी।
भुल्लर– 8 फड़ ला… 8 (सेवक द्वारा 8 लाख रिश्वत की स्पष्ट मांग)
कृष्णु- बस ठीक आ जी, मै लाना आ जी मैसेज (ठीक सर, मैं बता दूंगा….)
भुल्लर- हां
कृष्णु- ठीक है जी
भुल्लर- जिन्ना दिंदा ना.. फड़ी चल, ओहनू केह दे 8 कर दे पूरा (जो भी वह देता है, लेते रहो… उसे बताओ कि कुल 8 दे दे। निरंतर मांग और रिश्वत इकट्ठा करने का निर्देश)
कृष्णु- ठीक है जी मैं कर देणी गल
भुल्लर- ओके
किष्णु और डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के बीच ऊपर हुई बातचीत के बाद, शिकायतकर्ता आकाश बत्ता और आरोपी किष्णु के बीच फिर से बातचीत हुई। पढ़ें दोनों की बातचीत…
‘ए’ आकाश बत्ता के लिए प्रयोग हुआ, वहीं ‘के’ मध्यस्थ किष्णु को दर्शाता है
के- एह की कहन्दा सी
ए- 8 लाख? मेनू ता टेंशन हो गई यार
के- एदा कहना पता की है… केहन्दा है अगस्त दे नहीं आए ….. सितंबर दा नहीं आया
ए- एनु केह दे वीरे परचा ता ना देवे उसदे एन्ने पैसे जांदे ने।
के- वीरे परचे दी गल ता तुसी करो, तुहाडे सामने ही किहा सी मिलन बारे
ए- एक होर गल दस्सा चालान दा प्रेशर व एही क्रिएट कर रेया।
बत्ता और कृष्णु के बीच रिश्वत की बातचीत रिकॉर्ड
रिश्वत के पैसे लेने आए कृष्णु को 16 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया, इस दौरान भी उसकी रिकार्डिंग हो गई। पढ़ें पूरी बातचीत….
ए- फोन ता कर, घरे होगा, कह दे 5 लाख आ गया ते बाकी दीवाली तो बाद तुहानु मिलूंगा, बस परचा-पुर्चा न होवे, गोली देते हुए … डरदा हां भाई एह तों, होर किसा दा डर नहीं है मेनू। (अभी फोन करो… वह घर पर होना चाहिए। उसे बताओ कि मैंने 5,00,000/- रुपए की व्यवस्था की है और शेष राशि दिवाली के बाद दी जाएगी। बस सुनिश्चित करो कि कोई एफआईआर/केस (‘परचा’) दर्ज न हो। मैं इससे बहुत डरता हूं… अन्यथा, मुझे किसी और चीज का डर नहीं है।) के- वीरे परचे लई ता एह कहंदा ही नहीं, परचे लई कहंदा है मैं कैंसल कर दू, उहदी फीस अलग मंगदा, एह तुहानु भी पता है, तुसी सियाने हो, अपने तोह फीस कह दी ला रेहा आ (भाई, वह कभी खुलकर नहीं कहता कि वह केस रद्द करने के लिए पैसे ले रहा है। वह केवल कहता है कि वह एफआईआर रद्द कर देगा – लेकिन वह उसके लिए अलग फीस मांगता है। तुम्हें पता है कि वह कैसे काम करता है; वह इस तरह से तुमसे अपनी फीस ले रहा है।) ए- पुछ ला। (उसे पूछो)
आरोपी किष्णु और भुल्लर की व्हाट्सएप कॉल
के- सत श्री अकाल जी, में चंडीगढ़ सिगा जी, दफ्तर आवा कि घरा आवा जी…..चलो मै 20 एक मिनट च आ गया जी …..11:30 दफ्तर आ गया जी (सत श्री अकाल सर… मैं चंडीगढ़ में हूं… क्या मैं कार्यालय पर आऊं या आपके निवास पर? ठीक सर, मैं 20-25 मिनट में पहुंच जाऊंगा… 11:30 तक कार्यालय में पहुंच जाऊंगा।) (स्पीकर मोड पर बात नहीं हो रही- इसलिए बातचीत का केवल एक पक्ष रिकॉर्डेड/सुनाई देता है)।

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