कांगड़ा जिले के धर्मशाला का ‘खड़ा डंडा मार्ग’, जिसे पर्यटन नगरी की जीवनरेखा माना जाता है, इन दिनों भूस्खलन के खतरे का सामना कर रहा है। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह के लिए दुनिया भर से आने वाले राजदूतों और अन्य वीवीआईपी मेहमानों को इसी मार्ग से गुजरना होगा। बता दे कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा खाई की ओर खिसक रहा है, जिससे गंभीर दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया है। वहीं कर्मू मोड़ पर सड़क इतनी संकरी हो गई है कि एक समय में केवल एक वाहन मुश्किल से निकल पाता है। रात के समय स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण यह स्थान ‘ब्लैक स्पॉट’ बन गया है।
जान हथेली पर रखकर सफर करते लोग बता दे कि जोगीवाड़ा के पास पक्की सड़क पर तारकोल तो है, लेकिन नीचे की मिट्टी लगातार खिसक रही है, जिससे सड़क कभी भी धंस सकती है। स्थानीय टैक्सी चालक रमेश जरयाल ने बताया कि इस मार्ग से गुजरने वाले हर वाहन चालक को अपनी जान हथेली पर रखकर चलना पड़ता है। नों को इसी क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरना होगा। यदि समय रहते रिटेनिंग वॉल का निर्माण नहीं किया गया, तो यह न केवल पर्यटन को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी धूमिल कर सकता है। छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का बन सकती कारण एक छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो महीनों में इस मार्ग पर कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। विभाग ने न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और न ही सड़क को बंद किया है, जबकि बाहरी पर्यटक भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। लोक निर्माण विभाग पर आरोप लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) चंद्रशेखर ने इस स्थिति के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि काम पूरा न करने के कारण ठेकेदार का टेंडर रद्द कर दिया गया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब तक नया टेंडर जारी होकर काम शुरू नहीं होता, तब तक इस खतरनाक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जाएगा। भूस्खलन बड़ी तबाही मचा सकता है जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त निदेशक एल.एन. अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि मैक्लोडगंज का यह इलाका ‘शियर जोन’ में आता है। उनके अनुसार, अनियोजित निर्माण और पानी की उचित निकासी न होने के कारण मिट्टी दलदली हो गई है, जिससे मामूली भूस्खलन भी बड़ी तबाही मचा सकता है। उन्होंने कंक्रीट के बढ़ते बोझ को भी एक कारण बताया। अंतरराष्ट्रीय छवि हो सकती धूमिल दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर एक अंतरराष्ट्रीय समारोह आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर से वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे। इन मेहमानों को इसी क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरना होगा। यदि समय रहते रिटेनिंग वॉल का निर्माण नहीं किया गया, तो यह न केवल पर्यटन को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकार की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी धूमिल कर सकता है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.