धर्मशाला में तिब्बती नव वर्ष ‘लोसर’ पर सोमवार को मैक्लोडगंज स्थित मुख्य तिब्बती मंदिर में दलाई लामा की दीर्घायु के लिए विशेष ‘तेंशुग’ (Long Life Offering) पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर दलाई लामा का हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने उनके
दलाई लामा ने दिए सार्वजनिक दर्शन
इस वर्ष के आयोजन की विशेषता यह रही कि इसकी मेजबानी उन पूर्व तिब्बती राजनीतिक कैदियों और ‘ल्हासा बॉयज एसोसिएशन, स्विट्जरलैंड’ ने की, जिन्होंने तिब्बत की आजादी के संघर्ष में जेल की यातनाएं सही हैं।

प्रार्थना करते बौद्ध श्रद्धालु
गुरु से मार्ग दर्शन की कामना
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, तिब्बती वाद्य यंत्रों की गूँज और मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुई इस पूजा में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष सिकोंग, कैबिनेट सदस्य, वरिष्ठ लामागण और विदेशी अतिथि शामिल हुए। ‘तेंशुग’ रस्म गुरु और शिष्य के बीच के आत्मिक बंधन को दर्शाती है।
इसमें मंडल अर्पण और प्रतीकात्मक भेंट के माध्यम से गुरु से निरंतर मार्गदर्शन की प्रार्थना की जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आयोजन केवल लंबी आयु की कामना नहीं है, बल्कि विश्व भर में करुणा और धर्म के संदेश के निरंतर प्रवाह का भी प्रतीक है।

प्रार्थना करते बौद्ध श्रद्धालु
तिब्बती एकजुटता का प्रतीक बना आयोजन
1960 के दशक से निर्वासित तिब्बती समुदाय के केंद्र रहे धर्मशाला में यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था बल्कि तिब्बती एकजुटता के प्रतीक के रूप में उभरा। लोसर के दौरान आयोजित इस विशेष प्रार्थना सभा में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दलाई लामा के उत्तम स्वास्थ्य और विश्व शांति की कामना की।
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