छात्रा ने वीडियो रिकॉर्ड कर घटनाओं के बारे में बताया
अपनी मौत से पहले छात्रा ने मोबाइल पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने अपने साथ हुई आपबीती के बारे में बताया. उसने बताया कि कैसे प्रोफेसर ने उसे गलत तरीके से छुआ और मानसिक एवं यौन उत्पीड़न की कई अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया. छात्रा ने आरोप लगाया कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे चुप रहने की धमकी दी.
मौत के बाद रैगिंग और यौन उत्पीड़न के मामले का हुआ खुलासा
धर्मशाला डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली 19 वर्षीय पल्लवी की मौत के बाद अब रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं. पीड़िता के पिता विक्रम कुमार के बयान पर थाना धर्मशाला में पुलिस ने इस मामले को दर्ज किया है, जिसकी पुष्टि ASP वीर बहादुर ने की है. उन्होंने कहा कि हालांकि ये मामला CM हेल्पलाइन में भी गया था और जो पुलिस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
4 छात्राओं और एक प्रोफेसर को पुलिस ने बनाई पार्टी
सच्चाई ये है कि जैसे ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत पीड़ित परिजनों से बातचीत की तो पता चला कि बेटी के इलाज के लिए बाहर हैं और उन्हें बाहर से धर्मशाला वापस आने पर उन्हें इतलाह करने की भी अपील की गई. इस दरम्यान जब बेटी की मौत हो गई तो बीते कल ही ये मामला फिर से सामने आया और उस पर अब पुलिस जांच कर रही है, जिसमें 4 छात्राओं और एक प्रोफ़ेसर को पार्टी बनाया गया है.
पिता ने लगाया गंभीर आरोप
वहीं मृतक छात्रा के पीड़ित पिता बिक्रम ने इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन, पुलिस प्रशासन और समाज की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि जिस कॉलेज में बेटी को पढ़ाने भेजा वहां न केवल कॉलेज की छात्राओं ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया. बल्कि प्रोफेसर तक ने उसे टॉर्चर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उसे जातिसूचक शब्द कहे गए. बेटी मानसिक तौर पर इतनी प्रताड़ित हुई कि आज वो इस दुनिया को ही अलविदा कह गई, ये बेहद निंदनिय घटना है
कॉलेज प्रशासन प्रोफेसर के पक्ष में उतरा
उधर इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से अपने प्रोफेसर के पक्ष में उतर आया है. कॉलेज प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने पहले पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना जाहिर की. फिर कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि मृतक छात्रा उनके कॉलेज की छात्रा थी. मगर इस साल उसकी एनरोलमेंट नहीं हो पाई थी. इसलिए ये कहना कि वो इस कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं. ये कॉलेज की छवि के साथ जस्टिस नहीं होगा.
‘लड़की बार-बार बना रही थी प्रेशर’
वहीं उन्होंने कहा कि क्योंकि छात्रा पिछले साल ही फर्स्ट ईयर में तीन सब्जेक्ट में फेल हो गई थी और बार बार विभाग के प्रोफेसर के पास जाकर सेकेंड ईयर में एडमिशन का दबाव बना रही थी. जो किसी भी लिहाज़ से यूनिवर्सिटी नियमों के तहत नहीं था. ऐसे में वो कॉलेज से चली गई और न फर्स्ट इयर में एडमिट हुई न सेकेंड ईयर में. मगर दोबारा जुलाई महीने में कॉलेज में नज़र आई और उसके बाद सितंबर में फिर चली गई. इसलिए फिलहाल रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर उस छात्रा का कॉलेज से कोई नाता नहीं है.
‘परिवार के साथ संवेदनाएं हैं’
वहीं कॉलेज में भौतिक विज्ञान के सह प्राचार्य और प्रोफेसर यूनिट के अध्यक्ष विक्रम श्री वत्स भी इस मामले में आरोपी बनाए गए. अपने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक का पक्ष लेते हुए कहा कि हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं. मगर ज़मीनी हकीकत ये है कि जो आरोप उनके कॉलेज के प्रोफेसर अशोक पर लगे हैं, वो सरासर निराधार हैं. उसकी वो भर्त्सना करते हैं और इस मामले में वो अपने प्रोफेसर के साथ खड़े हैं.
एबवीपी की भी हुई एंट्री
कॉलेज में छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के बाद मौत मामले में अब एबीवीपी की भी एंट्री हो गई है, एबीवीपी की प्रांत मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि इस पूरे मामले में वो पीड़ित परिवार के साथ हैं और पुलिस और कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि समय रहते अगर इनकी ओर से इस घटना पर संज्ञान लिया गया होता तो शायद आज ऐसा देखने को न मिलता.
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