भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने सोमवार को धार के त्रिमूर्ति चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर किया गया। संगठन ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि धार जिले की पांचों तहसीलों में एक साथ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और भविष्य की लड़ाई है, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। किसानों ने कहा-भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए किसानों की प्रमुख मांगों में शिक्षा व्यवस्था में समानता, ‘एक देश एक किताब एक समान शिक्षा प्रणाली’ लागू करना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे व सोनोग्राफी मशीनें चालू करना और ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीदी सुनिश्चित करने, गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी लागू करने, एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और किसानों को फसली ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 1 मई तक बढ़ाने की मांग भी रखी गई। सिंचाई के लिए दिन में 12 घंटे बिजली मांगी धरना प्रदर्शन के दौरान सिंचाई के लिए दिन में 12 घंटे बिजली देने, नीलगाय और जंगली सुअर से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने, रेलवे भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने, खेत सड़क योजना प्रारंभ करने तथा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई। जिला अध्यक्ष राकेश सोलंकी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।
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