नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर 600 ग्राम सोना और नकदी लूटने वाली गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया है। वारदात से पहले आरोपियों ने इलाके की रेकी की थी, जिसमें धार के कुछ लोग भी शामिल थे। इस लूट की घटना में कुल 14 आरोपी शामिल थे। पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों ने लूट का सामान गांव में अपने घर के पास छिपा रखा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उसे बरामद कर लिया है। साथ ही पुलिस ने एक अर्टिगा कार और एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किए हैं। पूरे मामले का खुलासा सोमवार दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आईजी इंदौर अनुराग सिंह ने किया। इस दौरान एसपी मयंक अवस्थी, खंडवा एसपी मनोज राय, एएसपी विजय डावर, एसडीओपी बृजेश कुमार मालवीय, सुनील गुप्ता सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
यह था पूरा मामला
जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम बाग के ब्राह्मण मोहल्ले में 13 मार्च की सुबह यह लूट की घटना हुई थी। अज्ञात बदमाश नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ठेकेदार राजकुमार मालवीय के घर में घुस गए थे। आरोपियों ने परिवार को बताया कि उन्हें ब्लैक मनी की शिकायत मिली है और वे सर्च करने आए हैं। इसके बाद उन्होंने परिवार के लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया और अलमारी में रखे 600 ग्राम सोना और डेढ़ लाख रुपए नगद लूटकर फरार हो गए।
बदमाश काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार होकर आए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। नकली अधिकारी बनकर आए दो आरोपियों ने पुलिस जैसी वर्दी भी पहन रखी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में पुलिस की पांच टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू की। गिरफ्तार आरोपी शाजापुर, देवास, धार, उज्जैन और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
व्यापारियों की जानकारी लेकर बनाया था प्लान
आईजी अनुराग सिंह के अनुसार धार की घटना से एक दिन पहले खंडवा में भी इसी तरह की लूट हुई थी, जिसमें काले रंग की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद धार और खंडवा पुलिस ने मिलकर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि देवास का रहने वाला नरसिंह बघेल, जो मूल रूप से डही का रहने वाला है, अक्सर बाग और मनावर क्षेत्र में आता-जाता था। इसी दौरान उसकी दोस्ती दिनेश निवासी मनावर और रमेश मोरी निवासी बाग से हुई। नरसिंह ने अपने साथियों की योजना उन्हें बताई और इलाके के व्यापारियों की जानकारी देने को कहा। इसके बाद दिनेश ने अपने साथी आबिद और अय्यूब से बात की। उन्होंने योजना बनाई कि वे नकली इनकम टैक्स और सीबीआई टीम बनकर रेड डालेंगे और डकैती करेंगे।
उनका मानना था कि पीड़ित डर के कारण इसकी सूचना किसी को नहीं देगा और उन्हें बड़ा फायदा होगा। मुख्य आरोपी शहजाद ने इस पूरी वारदात की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर घटना को अंजाम दिया। घटना से एक दिन पहले सभी आरोपी दो वाहनों से मनावर पहुंचे थे और एक होटल में दो कमरे लेकर रुके थे। वारदात के बाद आरोपियों ने काली स्कॉर्पियो को जंगल में छोड़ दिया और अर्टिगा कार से फरार हो गए।
वाहन में मिली महामंडलेश्वर की प्लेट
एसपी मयंक अवस्थी के अनुसार जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें मिले दस्तावेजों से पता चला कि वाहन का मालिक शहजाद, पिता रोशन खान है और वही इस वारदात का मास्टरमाइंड भी है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से आबिद पिता मुबारिक शाह, अय्यूब शाह पिता निजामुद्दीन शाह, दिनेश पिता रुखड़िया, दिलीप पिता रामचंद्र अहिरवार, शहजाद पिता रोशन खान, रमेश पिता गजरिया मोरी, राजा उर्फ अब्दुल गफ्फार पिता अब्दुल हमीद खान और नरसिंह पिता भलिया बघेल को गिरफ्तार किया है। वाहन की तलाशी में करणी सेना और महामंडलेश्वर लिखी दो प्लेट भी मिली हैं। पुलिस ने इन्हें भी जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
कुछ आरोपी अभी फरार
एसपी अवस्थी ने बताया कि इस वारदात में इकबाल, साहिल, मुरलीधर, रंजीत, संजीव और अब्दुल अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आरोपियों से करीब एक करोड़ पांच लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण, 30 लाख रुपए कीमत की दो चार पहिया गाड़ियां और 57 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। आरोपियों को पकड़ने में टीआई कैलाश चौहान, ओपी अहिर, सुनील शर्मा, संजय रावत, राजेश यादव, ईश्वर सिंह चौहान, समीर पाटीदार, दीपक सिंह चौहान और सायबर सेल प्रभारी प्रशांत गुंजाल सहित पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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