धार जिले में आबकारी नीति 2026-27 के तहत मदिरा दुकानों के निष्पादन के लिए ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की गई। प्रथम चरण के पहले बैच में 7 समूहों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिनमें से तीन समूहों का सफल निष्पादन हुआ है। इन तीनों समूहों के टेंडर से शासन को आरक्षित मूल्य से कहीं अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले में वर्ष 2026-27 के लिए कुल 88 कंपोजिट मदिरा दुकानों के संचालन के लिए 21 एकल समूह बनाए गए हैं। पहले बैच में जिन 7 समूहों के लिए ई-टेंडर बुलाए गए थे, उनका कुल आरक्षित मूल्य 16 करोड़ 71 लाख 66 हजार 993 रुपये था। इनमें से जिन तीन समूहों का सफल निष्पादन हुआ है, उनका कुल आरक्षित मूल्य 8 करोड़ 44 लाख 8 हजार 105 रुपये था, जबकि इनके लिए 11 करोड़ 47 लाख 16 हजार 666 रुपये के टेंडर ऑफर प्राप्त हुए। आरक्षित मूल्य से 26.58% अधिक की लगी बोली DHR/FCL-2 पीथमपुर समूह का आरक्षित मूल्य 54 करोड़ 91 लाख 54 हजार 248 रुपये तय था। ई-टेंडर कम ऑक्शन में इस समूह के लिए 69 करोड़ 51 लाख रुपये की उच्चतम बोली लगी, जो आरक्षित मूल्य से 26.58 प्रतिशत अधिक है। यह समूह मेसर्स शिवाबाबा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया है। इसी तरह DHR/FCL-11 सरदारपुर समूह (आरक्षित मूल्य 23 करोड़ 62 हजार 622 रुपये) के लिए 21 करोड़ 66 लाख 66 हजार 666 रुपये का उच्चतम ऑफर मिला, जिसे विकास सिंह ठाकुर को आवंटित किया गया है। निसरपुर में 108.74% अधिक बोली DHR/FCL-21 निसरपुर समूह के लिए तो बोली लगाने वालों में भारी प्रतिस्पर्धा दिखी। इस समूह का आरक्षित मूल्य 6 करोड़ 48 लाख 64 हजार 435 रुपये था, लेकिन इसके लिए 13 करोड़ 54 लाख रुपये की भारी-भरकम बोली प्राप्त हुई, जो आरक्षित मूल्य से 108.74 प्रतिशत अधिक रही। यह समूह कपील भावसार को आवंटित किया गया है। शेष बचे समूहों के लिए निष्पादन प्रक्रिया आगामी चरणों में पूरी की जाएगी।
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