धार जिले के एक निजी स्कूल में 10वीं की बोर्ड परीक्षा चल रही थी, तभी लड़की ने टीचर से पेट में दर्द की शिकायत की और फिर वॉशरूम जाने की परमिशन मांगी. फिर वॉशरूम में नाबालिग छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दे दिया. इसके बाद चारों तरफ खलबली मच गई.
सांकेतिक तस्वीर AI
निजी स्कूल में हुई घटना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना पीथमपुर के एक निजी स्कूल में हुई जब छात्रा मंगलवार को गणित की परीक्षा दे रही थी. परीक्षा के दौरान लड़की ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और शौचालय जाने की इजाजत मांगी, जब वह काफी देर तक वापस नहीं आई तो परीक्षकों ने शौचालय में देखा, जहां उन्हें नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी.
समय से पहले हुआ बच्चे का जन्म
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. प्रशांत कजावे ने बताया कि महिला कर्मचारी मौके पर पहुंचीं और लड़की व बच्चे को 108 एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने कहा कि दोनों की हालत स्थिर है. कजावे ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि लड़की को 34 हफ्ते यानी आठ महीने का गर्भ था और बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ.
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और मामला बेटमा थाने को सौंपा गया है. किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह एक डांस प्रोग्राम में एक लड़के से मिली थी, जिसने उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई. अधिकारी ने बताया कि छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि लड़के ने उसे चुप रहने की धमकी दी थी, इसलिए उसने अपने माता-पिता को कुछ नहीं बताया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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