एनसीईआरटी को बेस बनाकर पढ़ाई की सलाह
शिक्षकों ने बताया कि 10वीं और इंटर की पढ़ाई में एनसीईआरटी सबसे मजबूत आधार है. पिछले 6 वर्षों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सिद्धांतों को समझना छात्रों के लिए बहुत जरूरी है.मनोज आचार्य ने कहाजो भी छात्र 10वीं और 11वीं की तैयारी कर रहे हैं, वे सबसे पहले एनसीईआरटी को समझें. एक बेस बनाकर लगातार उसी पर फोकस करें. तभी जाकर अच्छे स्कोर की संभावना बढ़ती है.इंटर के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम पाने के लिए नियमित पुनरावृत्ति मॉडल पेपर और बेसिक कॉन्सेप्ट पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.
फोन से दूरी तैयारी का सबसे बड़ा मंत्र
शिक्षक रितेश यादव ने बताया कि मोबाइल फोन पढ़ाई की सबसे बड़ी बाधा है. परीक्षा तक फोन से दूरी बनाकर रखना छात्रों को बेहतर परिणाम दिला सकता है.उन्होंने कहा कि जब तक एग्जाम पूरा न हो तब तक फोन से दूरी बनाकर रखें. सोशल मीडिया और अन्य चीजें ध्यान भटकाती हैं. पढ़ाई में फोकस बना रहे.यही मुख्य कुंजी है.छात्रों को किन-किन महत्वपूर्ण पुस्तकों पर ध्यान देना चाहिए और किस तरह से सिलेबस के अनुसार पढ़ाई की जाए.
छात्रों की मेहनत सुबह–शाम 4 से 6 घंटे की पढ़ाई
कोचिंग में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि वे आगामी 4 फरवरी को होने वाली इंटर परीक्षा को लेकर पूरी तरह तैयारियों में जुटे हुए हैं.एक छात्रा ने बताया हम सुबह और शाम 4 से 6 घंटे तक पढ़ाई कर रहे हैं. एनसीईआरटी को बेस बनाकर हर विषय का अभ्यास जारी है. बोर्ड परीक्षा के बाद वे आगे nit की तैयारी करना चाहते हैं और कुछ छात्रों का सपना है कि वे डिफेंस सेवाओं में जाएँ. कोचिंग संस्थान उनकी इस दिशा में भी नियमित मार्गदर्शन कर रहा है.
झारखंड बोर्ड व सीबीएसई दोनों सिलेबस पर फोकस
शिक्षक रितेश यादव ने कहा कि छात्रों को झारखंड बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई बोर्ड के मुख्य सिलेबस को भी समझना चाहिए. इससे विषयों की पकड़ मजबूत होती है और प्रश्नों को हल करने में सटीकता आती है.वहीं शिक्षक मनोज आचार्य ने इंटर के छात्रों को सलाह देते हुए कहा प्रत्येक विषय के सिलेबस को अच्छी तरह समझकर पढ़ाई करें. किताबों पर पकड़ मजबूत करें और हर टॉपिक को बार-बार दोहराएँ. परीक्षा हॉल में आत्मविश्वास बना रहेगा. उन्होंने बताया कि समय-समय पर टेस्ट लेकर छात्रों को वास्तविक परीक्षा वातावरण का अनुभव भी कराया जा रहा है.
कोचिंग में उत्साह छात्रों का लक्ष्य उच्च परिणाम
SRM कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे छात्रों में बोर्ड परीक्षा को लेकर उत्साह साफ दिखाई देता है. नियमित क्लास, नोट्स प्रैक्टिस सेट और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी तैयारी को और मजबूत बना रहा है.संस्थान का कहना है कि इस वर्ष भी उनके कई छात्र बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे और जिले में अच्छा रैंक लाएंगे.धनबाद के इस कोचिंग संस्थान की तैयारी और शिक्षकों की रणनीति निश्चित रूप से छात्रों को मजबूत नींव देने में मदद कर रही है. शिक्षकों का स्पष्ट संदेश है कि अनुशासन, नियमित अभ्यास और फोन से दूरी यही सफलता का रास्ता है.यहाँ कक्षा 10 और 11 के छात्रों के लिए ऐसी महत्वपूर्ण ट्रेनिंग और अध्ययन रणनीतियाँ दी जा रही हैं जिन्हें अपनाकर वे झारखंड बोर्ड और CBSE बोर्ड दोनों में बेहतर नंबर से पास हो सकते हैं.
10वीं और 11वीं के छात्रों को क्या ट्रेनिंग करनी चाहिए.
दोनों बोर्ड—Jharkhand Board और CBSE पर समान रूप से लागू है.एनसीईआरटी को बेस बनाएं सबसे ज़रूरी है.दोनों बोर्डों के लिए एनसीईआरटी सबसे विश्वसनीय और बेसिक किताब है.हर अध्याय का कॉन्सेप्ट समझें, सिर्फ रटें नहीं है.प्रत्येक अध्याय के अभ्यास प्रश्न, उदाहरण (Examples) और बैक एक्सरसाइज जरूर हल करें.
रोज 4 से 6 घंटे पढ़ाई को आदत बनाएं
कठिन विषयों (Maths, Science/PCM Economics आदि) के लिए सुबह का समय रखें. हर 1 घंटे के बाद 5–10 मिनट का छोटा ब्रेक लें.
चैप्टर-वाइज नोट्स बनाने की ट्रेनिंग
हर विषय के लिए छोटे और सरल नोट्स तैयार करें. फॉर्मूला डेफिनिशन वर्ष (History) डाइग्राम और मुख्य पॉइंट्स को अलग कॉपी में लिखें.यह परीक्षा से पहले तेजी से रिवीजन में बहुत मदद करता है.
मॉक टेस्ट और पिछले 5 साल के प्रश्नपत्
झारखंड बोर्ड और CBSE दोनों में 30–40% प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न जैसे ही आते हैं. हर रविवार 2–3 घंटे का मॉक टेस्ट दें.इससे स्पीड टाइम-मैनेजमेंट और आंसर प्रस्तुतिकरण सुधरता.
गणित Maths
रोज 15–20 sums अभ्यास करें.फॉर्मूला चार्ट बनाएं और दीवार पर लगाएं. कक्षा 9 और 10 की बुक्स को पहले मज़बूत करें.
विज्ञान Science
डाइग्राम की प्रैक्टिस इन्हें बोर्ड में पूरे नंबर मिलते हैं. केमिस्ट्री में रिएक्शन और इकाई यूनिट पर फोकस.फिजिक्स में न्यूमेरिकल रोजाना हल करें.हिंदी अंग्रेज़ी रीडिंग स्किल्स का अभ्यास: रोज 2 पेज पढ़ना.ग्रामर वर्कबुक हल करें. लेख, पत्र, सार, रिपोर्ट इनकी प्रैक्टिस जरूर करें.
फोन और सोशल मीडिया से दूरी
परीक्षा आने तक फोन से दूरी सबसे बड़ा अनुशासन ह.अगर पढ़ाई के लिए फोन इस्तेमाल करें.