साकेत ने अपनी दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई चासनाला एकेडमी स्कूल से पूरी की. इसके बाद बीआईटी सिंदरी से बी.टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई की. इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी और 2018 में GATE परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 71 प्राप्त की.
साकेत कुमार सिन्हा की शैक्षणिक यात्रा हमेशा अनुशासन और मेहनत की मिसाल रही है. उन्होंने अपनी दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई चासनाला एकेडमी स्कूल से पूरी की. इसके बाद बीआईटी सिंदरी से बी.टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई की. इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी और 2018 में GATE परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 71 प्राप्त की.
2018 में ही साकेत का चयन ओएनजीसी राजामुंद्री (आंध्र प्रदेश) में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर हुआ. व्यस्त और जिम्मेदारी से भरी नौकरी के बावजूद साकेत ने UPSC की कठिन परीक्षा की तैयारी जारी रखी. वे 15 घंटे काम के बाद भी पढ़ाई के लिए समय निकालते थे. उनकी मेहनत और समर्पण का फल अब उन्हें मिला है. वहीं, साकेत के पिता आर.के. सिन्हा, जो एक स्कूल चलाते हैं, ने कहा कि उन्होंने परिवार और जिले का मान बढ़ाया है. बेटे की सफलता पर भावुक होते हुए कहा कि 15 घंटे काम के बाद इतनी कठिन परीक्षा पास करना आसान नहीं होता, लेकिन साकेत की लगन और ईमानदारी ने यह संभव कर दिखाया.
हालांकि साकेत के पूरे परिवार की बात करें तो उनकी माता मुनि प्रतिमा एक गृहिणी हैं, जिनका सहयोग हमेशा साकेत के साथ रहा. परिवार में शिक्षा और सेवा का माहौल रहा है. साकेत के बड़े भाई पीयूष कुमार सिन्हा केनरा बैंक, गुरुग्राम में वरिष्ठ प्रबंधक हैं, जबकि बड़ी बहन अपराजिता कुमारी बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो में प्रबंधक हैं. साकेत की भाभी सोनाली वर्मा एलआईसी ऑफ इंडिया, गुरुग्राम में कार्यरत हैं. पूरा परिवार शिक्षा, बैंकिंग और सेवा क्षेत्र में सक्रिय है.
साकेत ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, परिवार के सहयोग और अपने कठिन परिश्रम को दिया. उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी ही उनकी सफलता की कुंजी रही. साकेत ने युवाओं को संदेश दिया कि नौकरी के साथ तैयारी कठिन जरूर होती है, लेकिन असंभव नहीं. दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन की जरूरत होती है.
साकेत की इस सफलता से पाथरडीह, चासनाला और पूरे धनबाद जिले में खुशी की लहर है. स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयां दीं और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया. इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 31 हासिल कर साकेत कुमार सिन्हा ने साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और संकल्प से किसी भी ऊँचाई को छुआ जा सकता है.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.