फ्री में लोगों को बांट रहे पौधा
अपने पिता को वर्षों पहले पेड़-पौधे लगाते देख उचित महतो ने उसी सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. परिणामस्वरूप आज वे धनबाद के विभिन्न गांवों, बस्तियों, गलियों और चौक-चौराहों में रोजाना साइकिल से घूमकर लोगों को फलदार पौधे, नीम, सागवान, कटहल सहित कई प्रजातियों के पौधों का निःशुल्क वितरण करते हैं.
उचित महतो बताते हैं कि पेड़ सिर्फ जीवों को ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि धरती की खूबसूरती को भी बनाए रखते हैं. उनका संदेश है. ‘पेड़ लगाओ, धरती बचाओ. वृक्ष हमारे सच्चे मित्र हैं. अपने पिता के नाम कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं.’
आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा शुद्ध वातावरण
धनबाद देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में गिना जाता है. ऐसे में उनकी यह मुहिम एक बड़े पर्यावरणीय बदलाव का रूप ले चुकी है. युवा समाजसेवी उचित का मानना है कि अगर प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के परिसर, खेत, या खाली स्थान पर पौधा लगाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है.
उन्होंने यह भी बताया कि वातावरण में बढ़ते प्रदूषण और गिरती वायु गुणवत्ता से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है. ऐसे में अधिक से अधिक पेड़ लगाने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ेगा, प्रदूषण कम होगा, और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा.
शुभ कार्यों में पौधों के वितरण से बनी नई पहचान
समाज में पौधों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए उचित महतो ने एक विशेष पहल की है.
शादी-विवाह
गृह प्रवेश
भूमि पूजन
जन्मदिन
श्राद्ध एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक अनुष्ठान जैसे हर मौके पर वे लोगों को पौधों का उपहार देकर पेड़ लगाने की प्रेरणा देते हैं.
उनका कहना है कि सोने-चांदी और महंगे उपहार से कहीं अधिक मूल्यवान है एक पौधा, जो भविष्य में फल-फूल, छाया और जीवन देता है. अब तक उचित महतो 5 लाख से अधिक पौधे लोगों के बीच बांट चुके हैं और यह अभियान लगातार जारी है.
युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा
उनके इस सेवा भाव और समर्पण ने क्षेत्र के लोगों को भी प्रभावित किया है. अनेक युवा अब उनके साथ हरियाली अभियान से जुड़ रहे हैं और अपने घर-आंगन में पौधे रोपित कर इस नेक कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं. उचित महतो का संदेश सीधा और स्पष्ट है. जल ही जीवन है, वृक्ष ही जीवन है. धनबाद की काली मिट्टी में उगते ये पौधे न सिर्फ पर्यावरण को संवार रहे हैं, बल्कि यह साबित कर रहे हैं कि यदि एक इंसान भी ठान ले, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है.
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