धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में जहरीली गैस कार्बन मोनोक्साइड (CO) रिसाव का संकट लगातार गहराता जा रहा है। बीते दो दिनों में गैस के प्रभाव से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को डीसी आदित्य रंजन, एसएसपी, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी केंदुआडीह पहुंचे और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
डीसी आदित्य रंजन ने क्षेत्र निरीक्षण के दौरान लोगों से बातचीत की।
चार से पांच एंबुलेंस हाई-अलर्ट पर
अधिकारियों ने मजदूर संघ नेताओं, स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों के साथ बैठक कर स्थिति का आकलन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाके में लगातार तैनात है। चार से पांच एंबुलेंस हाई-अलर्ट पर रखी गई हैं और डॉक्टर घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं।
10 हजार की आबादी गैस के दुष्प्रभाव से परेशान
राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला, ऑफिसर कॉलोनी समेत लगभग 10 हजार की आबादी गैस के दुष्प्रभाव से परेशान है। लोगों का कहना है कि तेज दुर्गंध और जहरीली गैस से घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने बताया कि खदानों में बचा कोयला रासायनिक प्रक्रिया से गुजरता है, जिससे बैक्टीरिया के कारण गैस बनती है। इस समस्या की तकनीकी जांच IIT-ISM, CIMFR और DGMS की विशेषज्ञ टीम कर रही है। गैस रिसाव के सोर्स की तलाश तेजी से की जा रही है और जहां खतरा दिख रहा है, वहां तुरंत सीलिंग और बैरिकेटिंग की कार्रवाई की जा रही है।

गैस रिसाव के सोर्स की तलाश तेजी से की जा रही है।
चार दिन से कोई समाधान नहीं निकला: स्थानीय
स्थानीय लोग प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराज़गी भी जता रहे हैं। युवती साक्षी सिंह ने कहा कि “चार दिन से सिर्फ बैठकर मीटिंग हो रही है, कोई समाधान नहीं निकला। बच्चे घर में रह भी नहीं पा रहे।” वहीं एक अन्य महिला ने कहा कि प्रशासन सिर्फ शिफ्ट होने की बात कर रहा है, लेकिन रोजी-रोटी का क्या होगा? “पहले गैस रोकी जाए, तभी हम हटेंगे।”

डीसी ने बताया कि प्रभावित परिवारों के लिए टेंट, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
घरों में गैस का स्तर सामान्य से काफी अधिक: डीसी
डीसी आदित्य रंजन ने बताया कि आज की जांच में कई घरों में गैस का स्तर सामान्य से काफी अधिक है और खतरनाक श्रेणी में आता है। प्रभावित घर पहले से डेंजर ज़ोन में चिन्हित थे, जिनका विस्थापन एक साल पहले होना था।
उन्होंने कहा- अब प्रशासन ने तय समय सीमा में शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। फिलहाल प्रभावित परिवारों के लिए टेंट, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने दो अस्पतालों में अतिरिक्त ऑक्सीजन-युक्त बेड और 24×7 मेडिकल व्यवस्था सुनिश्चित की है।
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