महाशिवरात्रि की रात निकलने वाली भव्य शिव बारात इस पर्व का सबसे बड़ा आकर्षण होती है. करीब 5 किलोमीटर लंबी यह बारात आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है. भगवान शिव को दूल्हे के रूप में सजाया जाता है और उनके साथ विभिन्न झांकियां निकाली जाती हैं.
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि का उत्साह देखने लायक होता है. यहां का माहौल अत्यंत भक्तिमय और ऊर्जा से भरा रहता है. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचते हैं. मंदिर परिसर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठता है. भक्त पूरी रात जागकर भजन-कीर्तन करते हैं और शिव-पार्वती के विवाह उत्सव का स्मरण करते हुए आनंद मनाते हैं.
महाशिवरात्रि की रात निकलने वाली भव्य शिव बारात इस पर्व का सबसे बड़ा आकर्षण होती है. करीब 5 किलोमीटर लंबी यह बारात आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है. भगवान शिव को दूल्हे के रूप में सजाया जाता है और उनके साथ विभिन्न झांकियां निकाली जाती हैं. स्थानीय कलाकार और कारीगर कई महीनों पहले से इसकी तैयारी में जुट जाते हैं. हर वर्ष बारात के माध्यम से कोई न कोई सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया जाता है.
शिव पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिव्य विवाह में देवताओं के साथ भूत-प्रेत, पिशाच और राक्षस भी बाराती बने थे. इसी परंपरा के आधार पर देवघर की शिव बारात में भी भूत-प्रेत और राक्षसों की झांकियां शामिल की जाती हैं. इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं. हर साल किसी एक विशेष राक्षस की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहती है.
इस वर्ष की शिव बारात कई मायनों में खास होने वाली है. कारीगर लक्ष्मण जी के अनुसार तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विभिन्न प्रकार के भूत-पिशाच व राक्षसों की आकृतियां बनाई जा रही हैं. पिछले वर्ष ‘हाफिया’ नामक दैत्य को मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया था. इस बार सामाजिक जागरूकता को ध्यान में रखते हुए ‘साइबर क्राइम’ को राक्षस के रूप में दर्शाया जाएगा.
हाल ही में देवघर को आरबीआई द्वारा साइबर हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और साइबर अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है. लोग अपनी मेहनत की कमाई बैंक में सुरक्षित रखते हैं, लेकिन साइबर ठग पलभर में उन्हें ठगी का शिकार बना लेते हैं. इसी खतरे के प्रति लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से शिव बारात में ‘साइबर क्राइम’ की झांकी शामिल की जा रही है, ताकि आमजन ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के प्रति जागरूक हों.
देवघर की शिव बारात अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं रह गई है, बल्कि यह समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम भी बन चुकी है. महाशिवरात्रि का यह पर्व इस वर्ष श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक संदेश का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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