मरीज की मौत के बाद पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। तीमारदारों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ भी की। इस दौरान कैजुअल्टी विभाग के प्रमुख के साथ दुर्व्यवहार और शरीरिक हिंसा के भी आरोप हैं। विरोध में अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं 26 घंटे तक ठप रहीं।
अस्पताल में हंगामे का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। इसमें एक शख्स हाथ में लाठी के साथ दिखाई दे रहा है। महिला के हाथ में बेल्ट दिख रही है। साथ ही परिसर में तोड़फोड़ भी की जा रही है। अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) में महासचिव डॉ. गौरव सैनी ने बताया कि अस्पताल में 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने अंदर घुसकर खूब उत्पात मचाया।
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को भीड़ से बचाने के लिए कैजुअल्टी विभाग के प्रमुख के साथ भीड़ ने शारीरिक हिंसा की। उनके शरीर के कई हिस्सों पर चोट आई है। जिसके बाद बाल रोग और स्त्री एवं प्रसुति रोग संबंधी इमरजेंसी को छोड़कर सभी तरह की इमरजेंसी सेवाओं को ठप रखा गया।
50 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने मचाया उत्पात
डॉ. गौरव ने बताया कि मरीज की मौत हो चुकी थी। प्रोटोकॉल के तहत सीपीआर दिया। मगर,शारीरिक तौर पर कोई हलचल नहीं हुई। फिर मरीज का पोस्टमार्टम करने का निर्णय लिया गया। जिसको लेकर तीमारदार भड़क गए। अस्पताल प्रशासन से बताया कि यह मरीज दो-तीन हफ्ते पहले भी ओपीडी में उपचार के लिए आया था। जिसे बड़े अस्पताल में दिखाने के लिए परामर्श दिया गया था। वहीं मरीज के परिजनों की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
26 घंटे बाद इमरजेंसी सेवा हुई बहाल
अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने, संस्थानिक मुकदमा दर्ज कराने, बीट अधिकारी, पीसीआर और क्यूआरटी टीम की तैनाती का आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे इमरजेंसी सेवा को बहाल किया। जिस 24 वर्षीय मरीज की मौत हुई उसे उपचार के लिए बृहस्पतिवार सुबह इमरजेंसी में लाया गया था। मरीज का वजन करीब 30 किलोग्राम था। शरीर में सूजन थी। सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। जब मरीज को देखने के लिए सीनियर डॉक्टर देखने के लिए पहुंचे तो उस जगह से गायब मिला। फिर करीब 12 बजे मरीज को उपचार के लिए लाया गया। लेकिन, मरीज के परिजन दावा कर रहे थे कि वह अस्पताल परिसर में थे।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.