तेज हवाओं से थोड़ी राहत
राजधानी दिल्ली में तेज हवाओं के चलने से वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन यह राहत अस्थायी साबित हो रही है। हवा की गुणवत्ता अभी भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे लोगों को सांस संबंधी समस्याओं और आंखों में जलन का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली में कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi | Visuals from Akshardham area this morning as a layer of toxic smog blankets the city.
AQI (Air Quality Index) around the area is 348, categorised as ‘Very Poor’, as claimed by CPCB (Central Pollution Control Board). pic.twitter.com/vYdjzHl7T3
— ANI (@ANI) December 5, 2025
वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार, पर चिंता बरकरार
बीते बृहस्पतिवार को दिल्ली की सुबह धुंध और हल्के कोहरे के साथ शुरू हुई, जिसमें आसमान में स्मॉग की एक पतली चादर भी दिखाई दी। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 304 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। दोपहर तीन बजे तक हवा में पीएम10 की मात्रा 251 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 की मात्रा 137 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
#WATCH | Delhi | Visuals from India Gate and Kartavya Path this morning as a layer of toxic smog blankets the city.
AQI (Air Quality Index) around the area is 267, categorised as ‘Poor’, as claimed by CPCB (Central Pollution Control Board). pic.twitter.com/TcqM1sa1CU
— ANI (@ANI) December 5, 2025
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार तक हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
एनसीआर में प्रदूषण का स्तर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। नोएडा का एक्यूआई 308, गाजियाबाद का 302, गुरुग्राम का 293 और ग्रेटर नोएडा का 285 दर्ज किया गया। ये सभी आंकड़े ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आते हैं।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों में वाहन जनित प्रदूषण की हिस्सेदारी 13.74%, निर्माण गतिविधियों से 1.89%, आवासीय प्रदूषण से 3.34% और पेरिफेरल उद्योग से 6.75% है। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली।
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