उत्तराखंड विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया गया. ग्रामीण विकास के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन व्यापारी वर्ग निराश दिखा. लोकल 18 ने इसकी वजह जानने के लिए देहरादून के लोगों से बात की. देहरादून के व्यापारी राम कपूर ने कहा कि हमें बजट से उम्मीदें बहुत थी. सोचा था कि धामी सरकार सबका ख्याल रखेगी. बजट में किसानों के लिए अच्छी योजनाएं हैं, लेकिन हमें निराशा हुई. कोरोना काल में जो नुकसान हुआ था, उससे हम अभी तक उभर नहीं पाए हैं. प्रदेशभर का व्यापारी वर्ग इसलिए भी परेशान है कि उन्हें राज्य और केंद्र दोनों को ही टैक्स देना पड़ता है.
लोकल 18 से देहरादून के राम कपूर ने कहा कि हमें बजट से उम्मीदें बहुत थीं कि धामी सरकार अपने बजट में सभी का ख्याल रखेगी. बजट में किसानों के लिए अच्छी योजनाएं हैं. मत्स्यपालन, एप्पल मिशन, पशुपालन से जुड़ी कई योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा, यह अच्छी बात है. लेकिन बजट में व्यापारियों के लिए कुछ खास नजर नहीं आया. शहर में व्यापारियों के लिए कोई नीति लागू नहीं की गई, जिससे हमें निराशा हुई है.
राम कपूर कहते हैं कि हमारे पास भी कई लोग काम करते हैं. व्यापारियों से कई लोगों के घर जुड़े हैं. देहरादून में 20 से 25 हजार दुकानदार हैं जिनमें कई लोग काम करते हैं. कोरोना काल में जो नुकसान हुआ था, उससे हम उभर नहीं पाए हैं. प्रदेशभर का व्यापारी वर्ग इसलिए भी परेशान है कि उन्हें राज्य और केंद्र दोनों को ही टैक्स देना पड़ता है. अगर बजट में हमें कुछ छूट मिलती तो हमारे परिवार और हमसे जुड़े लोगों को थोड़ा सहूलियत मिल जाती.
सुनील बांगा ने कहा कि जो पहले से योजनाएं चल रही हैं, उन्हें में थोड़ा पैसा जोड़ा गया है वरना बजट में कुछ नया नहीं था. व्यापारी वर्ग टैक्स देता है और सरकार के साथ खड़ा रहता है, लेकिन सरकार ने उन्हें निराश किया. रोजगार पहले ही नहीं है, महंगाई बढ़ती जा रही है, इंसान कुछ बचा नहीं पा रहा है, सरसों का तेल 200 तक पहुंच गया, सरकार ने 68 रुपये घरेलू सिलेंडर पर बढ़ा दिए हैं, और बिजली महंगी होने की भी खबर है. बांगा ने कहा कि सरकार को वास्तव में बुनियादी चीजों पर दाम कम करने चाहिए. व्यापारी वर्ग को टैक्स में छूट देनी चाहिए ताकि समाज का ताना-बाना चलता रहे.
महिलाओं के लिए कैसा
देहरादून की रहने वाली ममता ने कहा कि सरकार की ओर से स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए घोषणाएं तो की गई हैं लेकिन महंगाई पर भी रोक लगनी चाहिए. पहले हम सिलेंडर खरीदते थे तो सब्सिडी आती थी. अब दाम भी बढ़ गए हैं और सब्सिडी का भी कुछ पता नहीं है. महिला सुरक्षा को लेकर भी कुछ घोषणा होनी चाहिए थी. बीते कुछ वक्त में राज्य के कई इलाकों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं. बजट में कुछ ऐसी प्रावधान होना चाहिए था, जिससे महिला सुरक्षा को लेकर सिस्टम बनाया जा सकता. सीसीटीवी कैमरों से लेकर मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूती दी जा सकती. ऐसे माहौल में अपने और बच्चों के लिए डर लगता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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