Dehradun News: देहरादून में नए साल के जश्न में पर्यटक और स्थानीय लोग खूब शामिल हुए, लेकिन बढ़ती गाड़ियों और आतिशबाजी ने वायु को जहरीला बना दिया. साल की शुरुआत में वायु गुणवत्ता खराब रही, जिससे अस्थमा और फेफड़ों के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने और एयर क्वालिटी चेक करने की सलाह दी है.
लेकिन इस बार न्यू ईयर सेलिब्रेशन का असर वायु की गुणवत्ता पर साफ देखा गया. लंबी छुट्टियों और दिल्ली से आए पर्यटकों की भारी संख्या ने शहर में गाड़ियों का जाम तो बनाया ही, साथ ही साल के पहले दिन वायु को और जहरीला भी कर दिया. इसके अलावा आतिशबाजी ने शहर की हवा में और प्रदूषण घुला दिया, जिससे वायु और धुएं से भरी हुई नजर आई.
पहली जनवरी को देहरादून की सड़कों पर गाड़ियों की बढ़ी संख्या, सर्दी और शुष्क मौसम ने मिलकर वायु गुणवत्ता को बिगाड़ दिया. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह 259 के स्तर पर था और शाम तक यह बढ़कर 316 तक पहुंच गया. इसके पहले 31 दिसंबर को ही AQI खराब दर्ज की गई थी.
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एनवायरमेंट इंजिनियर अतुल कंसल ने बताया कि दिसंबर में बारिश न होने की वजह से वर्टिकल मिक्सिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई. इस प्रक्रिया में वायु के कण ऊपर उठते हैं और वातावरण में मिलते हैं. लेकिन ठंडी और स्थिर परतें प्रदूषकों को सतह के पास फंसा देती हैं, जिससे हवा जहरीली हो जाती है.
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अस्थमा और फेफड़ों के मरीजों के लिए खतरा
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि देहरादून का शुष्क मौसम और लगातार चल रहे कंस्ट्रक्शन के काम के साथ-साथ पर्यटकों की बढ़ती गाड़ियों और आतिशबाजी से हवा में प्रदूषण बढ़ गया है. सर्दियों में प्रदूषण के कण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे धुआं लंबे समय तक फेफड़ों पर असर डालता है.
अस्थमा, सीओपीडी और बुजुर्ग मरीज इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. सुबह-शाम कोहरे और स्मॉग की परतें सांस की नलियों में सूजन पैदा कर देती हैं, जिससे ऑक्सीजन लेवल गिर सकता है और मरीज को इमरजेंसी में सपोर्ट की आवश्यकता पड़ सकती है.
डॉ अग्रवाल ने सलाह दी कि पर्याप्त पानी पीएं, तले और जटिल भोजन से बचें, स्मोकिंग न करें और अगरबत्ती, चूल्हे या धुएं वाले स्थानों से दूर रहें. इसके अलावा कहीं जाने से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स जरूर चेक करें और यदि स्तर ज्यादा है, तो वहां जाने से बचें.
बरतनी होगी सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यटक जो नए साल की धूम-धाम के लिए देहरादून आते हैं, उन्हें हमेशा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए. सर्दियों में प्रदूषण और धुएं से दूर रहना, हल्का और पौष्टिक भोजन करना, और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है.
इस तरह, देहरादून का न्यू ईयर जश्न भले ही मजेदार रहा हो, लेकिन वायु की खराब गुणवत्ता ने स्वास्थ्य के लिहाज से सतर्क रहने की याद दिला दी है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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