Petrol-Diesel Price in Dehradun: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 12 प्रतिशत के उछाल और 81 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है. देहरादून में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन भविष्य में बढ़ोत्तरी की आशंका के चलते लोग पेट्रोल पंपों पर अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं.
खर्चे में कटौती लेकिन टंकी फुल
देहरादून निवासी मोहित ने कहा कि होली का त्योहार आ गया है, ऐसे में पहले ही चीजें काफी महंगी हैं और अब पेट्रोल-डीजल की कीमत अगर बढ़ती है तो आम नागरिकों पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि हमारी तनख्वाह तो गिनती की आती है लेकिन इस महीने खर्च ज्यादा है. उन्होंने बताया कि वैसे तो अभी फिलहाल पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ी है लेकिन चिंता है कि अगर बढ़ती है तो हमारा महीना पूरा चला पाना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि होली का त्योहार साल भर में आता है, कपड़ों से लेकर मिठाइयां तक काफी खर्च हो जाता है, लेकिन अगर पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे तो हम पर बोझ बढ़ेगा, इसलिए खर्च में कटौती करनी होगी. उन्होंने बताया कि वह आमतौर पर 100 रुपए का प्रतिदिन पेट्रोल भरवाते हैं लेकिन जिस तरह के हालात चल रहे हैं, उन्होंने 350 रुपए का पेट्रोल भराया है. वहीं सुनील ने बताया कि फिलहाल देहरादून में कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है, तो ज्यादा लोग पैनिक तो नहीं हो रहे हैं लेकिन अन्य दिनों के मुकाबले आज ज्यादा लोग पेट्रोल भरवाकर रख रहे हैं.
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल और विशेषज्ञों की राय
देहरादून के एस्टले हॉल स्थित अग्रवाल फिलिंग पेट्रोल पंप के प्रबंधक अनुज अग्रवाल ने कहा कि ईरान और इजरायल वार से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर होता ही है क्योंकि भारत 50 से 60 फीसद मिडिल ईस्ट से ही कच्चा तेल निर्यात करता है. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 12% की भारी वृद्धि दर्ज की गई लेकिन फिलहाल पेट्रोल की कीमत देहरादून शहर में स्थिर है. उन्होंने बताया कि घरेलू बाजार पर आज इसका असर नहीं है लेकिन अभी तक कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं, जो भी सरकार से आदेश आएगा उसी के हिसाब से पेट्रोल-डीजल के दाम लागू होंगे. आज पेट्रोल 93.35 रुपए और डीजल 90 रुपए है.
वैश्विक अस्थिरता का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिरता के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देगा, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है. कच्चे तेल की कीमत अब 81 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो आपूर्ति शृंखला बाधित होने से वैश्विक बाजार में तेल की किल्लत हो सकती है, जिसका सीधा प्रभाव भारत जैसे बड़े आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. भारत में तेल की कीमतें बढ़ने से आम जनता की चिंता बढ़ सकती है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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