भारत और अमेरिका एक और मोर्चे पर साथ आए हैं। इस बार दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज एक साथ मैदान में उतरी हैं. भारत व अमेरिका के ये विशेष बल अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ को अंजाम दे रहे हैं। सैन्य अभ्यास ‘वज्र प्रहार’ मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल में शुरू किया गया है. भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) ने संयुक्त युद्धाभ्यास ‘धर्म संरक्षक’ प्रारंभ किया है. ‘धर्मा संरक्षक’ एक खास सैन्य अभ्यास है जो अर्ध-शहरी वातावरण में किया जा रहा है. यहां शत्रुतापूर्ण वातावरण में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया जाएगा. यहीं नहीं, दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई का अभ्यास करते हुए हेलीकॉप्टर आधारित अभियान चलाए जाएंगे.
सेनाएं दुश्मन के कब्जे वाले ठिकानों में हाउस इंटरवेंशन ड्रिल करेंगी। खुफिया निगरानी और टोही (आईएसआर) ग्रिड विकसित किया जाएगा. भारत व जापान की सेना मोबाइल वाहन चेक पोस्ट स्थापित करेगी. भारत व जापान के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म संरक्षक’ का यह 7वां संस्करण है. यह अभ्यास मंगलवार को उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुआ.

हिमाचल के पहाड़ी इलाके में सैनिकों को हाई लेवल फिजिकल ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ संयुक्त मिशन प्लानिंग और जमीनी स्तर पर टैक्टिकल ड्रिल्स की प्रैक्टिस होगी. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रक्षा संबंधों का भी संकेत है. इससे दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच भरोसा, पेशेवर समझ और दोस्ती और गहरी होने की उम्मीद है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अभ्यास केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का प्रतीक भी है. दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज के बीच पारस्परिक विश्वास, पेशेवर सौहार्द और संचालनात्मक तालमेल को और गहरा करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है.
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित संयुक्त अभ्यास वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों की संयुक्त क्षमता को सुदृढ़ करते हैं। दोनों देशों के बीच ‘वज्र प्रहार’ अभ्यास का यह 16वां संस्करण है। इस अभ्यास के माध्यम से भारत और अमेरिका एक बार फिर यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी रक्षा साझेदारी केवल रणनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी लगातार मजबूत हो रही है। 24 फरवरी से शुरू हुआ यह सैन्य अभ्यास 16 मार्च तक जारी रहेगा.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिकी सेना की एक विशेष टुकड़ी इस अभ्यास के लिए भारत पहुंच चुकी है. इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 45 कमांडो हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अमेरिका की ओर से 12 सैनिक शामिल हैं. ये सभी अमेरिकी सैनिक स्पेशल फोर्सेज के मशहूर ग्रीन बेरेट्स दस्ते से हैं. इससे पहले पिछला अभ्यास नवंबर 2024 में अमेरिका के इडाहो राज्य स्थित ऑर्चर्ड कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर में हुआ था.
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