देहरादून में आज से झंडारोहण के साथ झंडे जी मेले की शुरुआत हो चुकी है. देश-विदेश से संगतें पहुंची हुई हैं. झंडे जी का मेला आस्था का प्रतीक है. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से नंगे पैर भी श्रद्धालु आते हैं. लोकल 18 से पंजाब के पटिया से आए गुनताज सिंह ने कहा कि वह 14-15 साल से यहां आ रहे हैं. उनके दादा, उनके पिता समेत कई पुश्तें यहां आती रही हैं. पंजाब से देहरादून पहुंचे राम सिंह सैनी ने बताया कि वह भी पिछले पांच दशकों से यहां आ रहे हैं. इस बार पैदल चंडीगढ़ से पहुंचे हैं. ऑस्ट्रेलिया से आई परमजीत कौर ने कहा कि यह पर्व हमारे लिए बहुत खास है.
पंजाब के पटिया से देहरादून आए गुनताज सिंह ने लोकल 18 को बताया कि वह हर साल झंडे जी मेले से पहले यहां आते हैं. 14-15 सालों से यहां आ रहे हैं. उनके दादा, उनके पिता समेत कई पुश्तें यहां आती रही हैं. उन्हें यहां श्री दरबार गुरु राम राय साहिब में आकर बहुत सुकून मिलता है. पंजाब से देहरादून पहुंचे राम सिंह सैनी ने बताया कि वह भी पिछले पांच दशकों से यहां आ रहे हैं और इस बार वह पैदल चंडीगढ़ से देहरादून पहुंचे हैं. विदेश से भी संगत पहुंची है. ऑस्ट्रेलिया से देहरादून आई परमजीत कौर ने कहा कि यह पर्व हमारे लिए बहुत खास है. इसलिए हम भले ही दुनिया के किसी कोने में हो वहां से हर साल यहां आते हैं. पिछले 47 सालों से वह हर साल गुरु दरबार साहिब में होने वाले झंडे जी के मेले में आती हैं, क्योंकि उनके बुरे वक्त में उन्होंने गुरु जी को याद किया और उनके अधूरे काम पूरे हुए .
श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक विजय गुलाटी ने बताया कि श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के दिशा-निर्देशन में 94 फीट ऊंचे झंडा फहराया गया. झंडारोहण के समय जयकारों की गूंज के साथ दरबार साहिब में लोग भक्ति में लीन नजर आए. हजारों लोग इस खास पल के साक्षी बने. यहां झंडे जी पर गिलाफ चढ़ाने की परंपरा है. तीन प्रकार के गिलाफ झंडे जी पर चढ़ाए जाते हैं जिसमें 21 सेनील,41 सादे गिलाफ और सबसे ऊपर दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की परंपरा है. इस साल 100 साल से ज्यादा समय बाद ही गिलाफ चढ़ाया गया. होली के बाद पंचमी के बाद झंडे जी का आरोहण किया जाता है.
कोई स्पेन से, कोई कनाडा से आया
झंडे महोत्सव में अपनी मन्नतों को लेकर श्रद्धालु पहुंचते हैं. स्पेन से आए जसप्रीत ने बताया कि वह भारत से कई साल पहले विदेश जा बसे थे. उन्होंने वहां नौकरी शुरू की. वह हर साल झंडा महोत्सव में शामिल होने के लिए आते हैं. उन्होंने गुरु से मन्नत मांगी थी कि उन्हें स्पेन की सिटीजनशिप मिल जाए और वह पूरी हो गई. हमारा पूरा परिवार इनमें विश्वास रखता है. यही वजह है कि उनका भाई दुबई से और कनाडा से भी यहां पहुंचा है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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