क्या है मामला?
9 दिसंबर को सेलाकुई बाजार में घटना तब हुई जब आरोपियों में से एक ने बर्थडे पार्टी रखी थी. आरोप है कि 6 युवकों का एक समूह शराब की दुकान के पास खड़ा था. इसी दौरान उनकी मुलाकात एंजेल चकमा और उसके छोटे भाई माइकल चकमा से हुई. इसी दौरान वहां मौजूद नशे में धुत ग्रुप और दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हो गई. यह बहस बाद में हिंसा में तब्दील गई. उन्होंने आगे बताया कि हालांकि, उस समय गुस्से में बहस शुरू हो गई, जो हाथापाई में बदल गई. जांच में सामने आया कि आरोपियों में शामिल यज्ञराज अवस्थी ने पास की फल-ठेली से चाकू उठाकर एंजेल चकमा पर वार कर दिया. हमले में एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका भाई माइकल भी बुरी तरह जख्मी हुआ. इलाज के दौरान अस्पताल में एंजेल की मौत हो गई. जाचं पड़ताल के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
एंजेल चकमा.
इधर, एंजेल चकमा की हत्या के मुख्य आरोपी की तस्वीर भी सामने आ गई है, जो फिलहाल फरार चल रहा है. बताया जा रहा है कि वह नेपाल भाग चुका है, जिसकी तलाश में देहरादून पुलिस वहां पहुंची हुई है. मुख्य आरोपी का नाम यज्ञराज अवस्थी है. वहीं, गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक मणिपुर का रहने वाला है.

एंजेल चकमा के हत्यारे की तस्वीर.
अधिकारी ने यह भी बताया कि अब तक की जांच में जानबूझकर नस्लीय टारगेट करने के दावों को सपोर्ट करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि मौके पर की गई कुछ बातें उनके अपने ही ग्रुप के किसी व्यक्ति के लिए थीं. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि 15 और 17 साल के दो नाबालिगों को सुधार गृह भेजा है.
सीसीटीवी फुटेज वायरल
अब इस मामले का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. पुलिस का कहना है कि एंजेल पर हमला करने के बाद आरोपी सीधे शराब की दुकान पर लौटे, शराब खरीदी और अविनाश नेगी की चाय की दुकान पर जाकर पार्टी की. इस दौरान गंभीर रूप से घायल एंजेल को उसका भाई अस्पताल पहुंचाने के लिए संघर्ष करता रहा. एंजेल चकमा की 26 दिसंबर को मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं.

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद कुछ आरोपी कई दिनों तक घर नहीं लौटे, जिससे उनके परिजनों को भी घटना की जानकारी नहीं थी. पुलिस दबिश के बाद ही परिजनों को पूरे मामले का पता चला. वहीं एंजेल के भाई माइकल का आरोप है कि हमले से पहले आरोपियों ने नस्लीय गालियां दी थी. उन्हें चीनी, चिंकी और अन्य नस्लीय गालियां दी गईं. हालांकि, देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया नस्लीय हिंसा के ठोस सबूत नहीं मिले हैं और यह मामला अचानक हुई कहासुनी का परिणाम प्रतीत होता है.
क्या है मेडिकल रिपोर्ट में?
मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि एंजेल चकमा को कई गंभीर चोट लगी थी. उसके शरीर का दाहिना हिस्सा सुन्न हो गया था. उसकी गर्दन और पेट पर चाकू से हमला किया गया था. मेडिकल रिपोर्ट से चोटों की गंभीरता का पता चलता है. मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में भी चोट लगी थी. एंजेल पर रॉड और चाकू से हमला किया गया था.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.