Uttarakhand Election 2027 : पुष्कर सिंह धामी सरकार के 4 साल पूरे होने पर भाजपा इस शनिवार हरिद्वार में बड़ी रैली करने जा रही है, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे. उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए इसे पार्टी का चुनावी बिगुल माना जा रहा है. रैली में एक लाख से ज्यादा लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए संगठन ने ब्लॉक स्तर से लेकर सांसदों तक सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं..
BJP ने हरिद्वार में अमित शाह की रैली के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.
दरअसल, हिंदू पॉलिटिक्स का केंद्र हरिद्वार एक बड़ी सियासी आजमाइश के लिए तैयार हो रहा है. अपनी दूसरी पारी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 23 मार्च को 4 साल पूरे कर रहे हैं और इससे पहले 7 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आ रहे हैं. बीजेपी ने इस रैली में एक लाख से ज्यादा की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. बीजेपी के लिए रैली क्या मायने रखती है, ये इसी बात से समझा जा सकता है कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश के हर पदाधिकारी और विधायक, सांसद को रैली में वर्कर लाने की टारगेट दिए गए हैं.
क्या कहते हैं महेंद्र भट्ट?
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कहते हैं कि इस रैली के लिए हरिद्वार को ही चुनना कोई रणनीति नहीं है. हरिद्वार देवभूमि है और देवभूमि का मुख्य द्वार है. इसलिए हम चुनाव का आगाज भी हरिद्वार से ही करना चाहते हैं. हरिद्वार के अंदर भारतीय जनता पार्टी की इस बार सीटें बढें, ये हम जनता से अपेक्षा भी करते हैं और उसी को आधार मानते हुए हमने बड़ी संख्या में हरिद्वार की हर विधानसभा से लोग रैली में लाने का निश्चित किया है.
पिछले दो टर्म से सत्ता में रहने वाली बीजेपी, तीसरे टर्म की वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है. पार्टी नेता मानते हैं कि रैली नेताओं के लिए लिटमस टेस्ट है… जो नेताओं की जनता और कार्यकर्ताओं के बीच कितनी पकड़ है, इस बात का आईडिया दे पाएगी.
वहीं बीजेपी के प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल का कहना है कि एक से सवाल लाख की संख्या इस रैली में जुटने वाली है और निश्चित रूप से भव्य रैली यहां पर होगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आने का हमारे कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है. हमारे नेताओं में भी उत्साह है और आम जनता में भी उत्साह है तो निश्चित रूप से एक भव्य रैली यहां पर आयोजित होने जा रही है. यह 7 मार्च को होगी. हमने विधानसभा, बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से वार्ता करने का लक्ष्य रखा है. मंडल स्तर पर हम बैठक करने जा रहे हैं. सभी मंडल में भी विधानसभा स्तर पर बैठकें हुई हैं और उसमें अपेक्षित संख्या के आधार पर उसकी कार्ययोजना बनाएंगे.
देखा जाए तो उत्तराखंड में राजनीतिक तौर पर मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहता है. पिछले कुछ हफ्तों में कांग्रेस ने बड़े नेताओं को एक साथ जोड़कर एकता का मैसेज देने की कोशिश की है, जिसके जवाब में बीजेपी एक लंबी लाइन खींचने की तैयारी में है.
(इनपुट पुलकित शुक्ला से भी)
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें
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