विश्व नागरिक उड्डयन दिवस पर पीतांबरा पीठ के दर्शनार्थियों, कारोबारियों, मरीजों समेत अन्य यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में दतिया हवाई अड्डे पर रात में भी उड़ानें संचालित हो सकेंगी। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें नाइट फ्लाइट ऑपरेशन की सुविधा के लिए 274 एकड़ जमीन की मांग की गई है। इसमें रनवे की चाैड़ाई बढ़ाने के अलावा अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम, एप्रोन लाइट और नेविगेशन सहायक उपकरण लगाए जाएंगे।
नाइट विजिबिलिटी न होने से रात में नहीं उतर पाते विमान
दतिया एयरपोर्ट का उद्घाटन इसी साल मई में हुआ था। इस पर 60 करोड रुपये खर्च हो चुके हैं। जमीन कम होने के कारण अभी यहां रात में एयर एंबुलेंस के भी उतरने की सुविधा नहीं है। जैसे ही शाम होती है या मौसम खराब होता है तो विमान नहीं उतर पाते। नाइट विजिबिलिटी की सुविधा न होने से कई बार विमान को ग्वालियर हवाईअड्डे पर उतारना पड़ता है। दो माह पहले झांसी के एक व्यक्ति ने एयर एंबुलेंस मंगाई लेकिन शाम हो जाने के कारण वह उड़ान नहीं भर सकी। रात भर हवाईअड्डे पर ही खड़ी रही। सुबह मरीज को दिल्ली के लिए रवाना किया जा सका। स्थानीय लोगों का मानना है कि नाइट फ्लाइट ऑपरेशन की सुविधा से दतिया न सिर्फ बड़े शहरों से बेहतर जुड़ पाएगा, बल्कि झांसी में भी पर्यटन और निवेश को भी नई उड़ान मिलेगी।
124 एकड़ में बना है हवाईअड्डा
दतिया हवाईअड्डा अभी 124 एकड़ में बना हुआ है। दतिया से भोपाल और खजुराहो की 19 सीटर फ्लाइट चलती थी जो लाइसेंस की प्रक्रिया लटकने की वजह से अभी बंद चल रही है। रात में यह विमान उतरने की सुविधा न होने से झांसी समेत अन्य शहरों के यात्री परेशान होते हैं। झांसी, दिल्ली, भोपाल, खजुराहो समेत अन्य शहरों से आने वाले उद्योगपति व पीतांबरा पीठ पर आने वाले दर्शनार्थियों समेत अन्य यात्रियों को असुविधा हो रही है।
जमीन से 5000 मीटर ऊंचाई तक होनी चाहिए दृश्यता
हवाई अड्डे पर रात में दृश्यता की सुविधा न होने से अभी सुबह से शाम तक ही विमान उतर सकते हैं। शाम होने, कोहरा या बादल छाए रहने पर जमीन से 5000 मीटर की ऊंचाई तक दृश्यता स्पष्ट नहीं होती है। ऐसे में विमान को जमीन पर नहीं उतारा जा सकता।
पत्र भेजकर मप्र सरकार से 274 एकड़ जमीन मांगी गई है। उम्मीद है कि जल्द जमीन मिल जाएगी। उसके बाद एयरपोर्ट परिसर में नाइट विजिबिलिटी की सुविधा के लिए बड़ी-बड़ी लाइटें और अन्य महंगे उपकरण लगेंगे। रनवे की चौड़ाई भी बढ़ेगी। – शशांक यादव, डायरेक्टर, एयरपोर्ट दतिया
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.