Darbhanga Laxmi Vilas Palace: राजतंत्र के दौर में मिथिला की राजधानी दरभंगा आधुनिकता के मामले में दिल्ली और पटना को मात देती थी. इसका सबसे बड़ा जीवंत प्रमाण है लक्ष्मी विलास पैलेस. महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह द्वारा निर्मित यह महल वास्तुकला का ऐसा दुर्लभ नमूना है, जिसकी बारीक नक्काशी और भव्यता आज के दौर में भी अकल्पनीय लगती है. महाराज ने उस जमाने में लंदन से इटालियन टाइल्स मंगवाकर महल को सजवाया था, जो आज भी अपनी चमक से पर्यटकों को हैरान कर देते हैं. दरभंगा राज परिवार के युवराज कपिलेश्वर सिंह बताते हैं कि दरबार हॉल की मूर्तियां और डिजाइन इतने जटिल हैं कि इन्हें आधुनिक तकनीक से भी बनाना बेहद मुश्किल है. बाद में महाराजा कामेश्वर सिंह ने शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस बेशकीमती धरोहर को कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को दान कर दिया. आज यह पैलेस न केवल एक विश्वविद्यालय है, बल्कि मिथिला के वैभवशाली इतिहास और गौरव का प्रतीक है.
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