Aaj ka Vrishchik Rashifal 04 December: वृश्चिक राशि वालों को आज उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है. सूर्य, मंगल एवं शुक्र तीनों ग्रहों की युति होने के कारण वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कठोर, परिश्रम और नेत्र रोगी कारक योग बन रहा है. लग्नस्थ मंगल होने के कारण दांपत्य जीवन में सैद्धांतिक मतांतर एवं उतावलापन, पत्नी पक्ष में उग्रता वाला स्वभाव, क्लेश और बाधा कारक योग भी बन रहा है.
सूर्य, मंगल और शुक्र की युति आज वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कठोर परिश्रम और नेत्र रोग की संभावनाओं वाला योग बना रही है. लग्नस्थ मंगल के प्रभाव से दांपत्य जीवन में मतभेद, उतावलापन और गुस्सा बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है. इससे जीवनसाथी के साथ बहस या क्लेश होने की आशंका रहेगी. वहीं, सप्तम भाव में चंद्रमा होने से लाभ की संभावनाएं प्रबल होंगी. आय और कार्यक्षेत्र में कुछ सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. किंतु लग्न में सूर्य की स्थिति स्थान परिवर्तन या कार्यस्थल पर असहज परिस्थितियों का कारण बन सकती है.
मंगल का प्रभाव बंधन कारक योग उत्पन्न कर रहा है
मंगल का प्रभाव बंधन कारक योग उत्पन्न कर रहा है. जिससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं. साथ ही बुध की स्थिति कमजोर होने के कारण मानसिक तनाव और कार्यक्षमता में कमी संभव है. इसके विपरीत बृहस्पति त्रिकोणस्थ होकर उच्च स्थिति में है, जिससे धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य और सकारात्मक सोच की ओर झुकाव बढ़ेगा. दैनिक जीवन में यह एक मजबूत सहायक तत्व रहेगा. लग्न में स्थित शुक्र शत्रु नाश कारक योग बनाता है, यानी विरोधियों पर नियंत्रण रहेगा. हालांकि चतुर्थ भाव में शनि और राहु के संयुक्त प्रभाव से गुप्त शत्रुओं की वृद्धि और मन में भय की स्थिति पैदा हो सकती है। कर्मभाव में केतु बैठे होने से बेचैनी और चिंता बनी रह सकती है.
क्या करें और क्या न करें?
डॉ.झा के अनुसार, शुक्रवार होने के कारण मिश्रित रंगों वाले वस्त्र पहनना शुभ रहेगा. साथ ही चमेली का पौधा लगाएं, चमेली का तेल ब्राह्मण को दान दें, दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ करें, शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए पंचमुखी हनुमान कवच और बाल्मिकीकृत सुंदरकांड का पाठ करें, इन उपायों से दिन के अशुभ प्रभाव कम होंगे और सकारात्मक परिणामों में वृद्धि होगी.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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