बरेली में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रामानंद ने दुष्कर्म के आरोपी नवाबगंज इलाके के निवासी संजीव को दोषमुक्त करार दिया है। किशोरी ने कोर्ट में बयान दिया कि वह धोखे से दिल्ली की बस में बैठकर चली गई थी। संजीव ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया। उसके पिता ने गलतफहमी में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले के निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नवाबगंज के बिजौरिया गांव निवासी संजीव उसकी बेटी से छेड़खानी करता था। उसकी बेटी 10वीं की छात्रा है। कोचिंग जाते-आते वक्त संजीव उसका रास्ता रोकता था। शिकायत करने पर संजीव के परिजन हमलावर हो गए। इसके बाद उसने बेटी को उसकी बड़ी बहन के घर इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में भेज दिया। यहां से 17 जुलाई 2015 को संजीव उसे फुसलाकर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया और शादी का दबाव बनाया।
बयान से मुकरे गवाह
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने अभियुक्त के खिलाफ 12 जनवरी 2016 को आरोप तय किए। अभियुक्त ने परीक्षण की अपील की। अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। पीड़िता, उसका पिता और तीन स्वतंत्र गवाह अपने बयान से मुकर गए।
पीड़िता ने कहा कि वह बहन के घर से अपने घर आ रही थी। धोखे से दूसरी बस में बैठने के कारण वह दिल्ली पहुंच गई। संजीव ने उसके साथ कोई बुरा काम नहीं किया। उसके साथ जो लड़का छेड़खानी करता था, वह उसे जानती और पहचानती नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संजीव को दोषमुक्त करार दिया।
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