ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में रहने वाले प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। मृतक दीपक श्रीवास वर्तमान में थाटीपुर थाना में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। वे पुलिस लाइन के सरकारी आवास में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने क्वार्टर के भीतर आत्मघाती कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी यह साफ नहीं हो सका है कि प्रधान आरक्षक ने यह कदम किन कारणों से उठाया। विभागीय तनाव, पारिवारिक दबाव या किसी अन्य वजह की जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बताया जा रहा है कि दीपक श्रीवास को उनके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उनके पिता की मौत ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में हुई थी।इसके बाद उन्हें पुलिस विभाग में नौकरी दी गई थी।
जानकारी के अनुसार घटना के समय घर में दीपक श्रीवास और उनकी पत्नी ही मौजूद थे। उनकी दोनों बेटियां उस वक्त दादी के घर गई हुई थीं। पत्नी की हालत सदमे में बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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