नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राजधानी में युवा कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और जंतर मंतर पर धरने की अनुमति न दिए जाने के विरोध में रायसीना रोड स्थित कार्यालय पर हुआ। इस दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, इसमें देवेन्द्र यादव भी शामिल रहे। उन्हें जाफरपुर थाने ले जाया गया। देवेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार के दबाव में दिल्ली पुलिस विपक्ष की आवाज को दबा रही है। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर लोकतांत्रिक विरोध का निर्धारित स्थल है, जहां शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन की अनुमति न देना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
यादव ने कहा कि देश में असहमति की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस महात्मा गांधी के अहिंसक संघर्ष के रास्ते पर चलती रहेगी। उन्होंने पार्टी नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके नेतृत्व में एकजुट रहना होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और अन्य मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। यादव ने कहा कि यदि जनहित में आवाज उठाना अपराध माना जा रहा है, तो कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।