बीजापुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शुक्रवार को बीजापुर जिले के विभिन्न स्थानों बीजापुर, भैरमगढ़, उसूर, गंगालूर और कुटरू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर नए कानून से प्रतिस्थापित करने और छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया तथा चक्काजाम कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने कहा कि मनरेगा कानून ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की गारंटी देता था। इसके समाप्त होने से ठेकेदारी प्रथा बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और गरीबी में वृद्धि हुई है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, कांग्रेस ने मांग की है कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए मनरेगा को पुनः लागू किया जाए। इसके साथ ही कांग्रेस ने मांग की है कि बीजापुर जिले सहित प्रदेश के अधिकांश किसानों का टोकन अभी तक नहीं कटा है। वे अपने धान की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं और लंबे इंतजार से मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान हैं।
भाजपा सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा-पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में वादा किया था कि प्रदेश के हर किसान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इसलिए भाजपा सरकार अपने वादे निभाए और धान बेचने के लिए किसानों को पर्याप्त समय प्रदान करे। धरना-प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा भाजपा की डबल इंजन सरकार ने 2023 में ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर किसानों से वादा किया था कि उनका एक-एक दाना खरीदा जाएगा, लेकिन अब सरकार अपने ही वादों से मुंह मोड़ रही है। भाजपा सरकार घोषणा-पत्र के अनुसार सभी किसानों का धान खरीदे और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय दे।
लालू राठौर ने आगे कहा केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा कानून को समाप्त करना मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के खिलाफ है। इससे बेरोजगारी और गरीबी बढ़ेगी। कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता मनरेगा मजदूरों और किसानों को न्याय मिलने तक उनके साथ संघर्ष करता रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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