धान खरीदी को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी कर कांग्रेस नेताओं और उनके परिजनों को धान बिक्री पर मिले भुगतान का विवरण साझा किया। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दीपक बैज ने कहा कि यह भाजपा की स्तरहीन राजनीति है। उन्होंने कहा, “यदि हम और हमारे नेता किसान हैं तो स्वाभाविक है कि हमारी उपज का मूल्य हमें मिलेगा। भाजपा ने कोई खैरात नहीं दी है, यह हमारे खून-पसीने की कमाई है।”
भाजपा नेताओं के भुगतान भी सार्वजनिक करें: बैज बैज ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के नाम सार्वजनिक कर दिए, लेकिन क्या भाजपा में किसान नहीं हैं? क्या भाजपा नेताओं ने धान नहीं बेचा? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा में साहस है तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, किरण देव, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक समेत अन्य नेताओं को धान बिक्री पर कितना भुगतान हुआ, यह भी सार्वजनिक किया जाए।
7 लाख किसानों का धान नहीं खरीदा: दीपक बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 7 लाख किसानों का धान नहीं खरीदा और लाखों किसानों से रकबा सरेंडर करवाया। उन्होंने दावा किया कि अंतर राशि में करीब 2600 करोड़ रुपए कम दिए गए हैं और अब बयानबाजी कर असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है।
अंतर राशि की गणना पर सवाल बैज ने कहा कि सरकार ने किसानों के खातों में आधी-अधूरी अंतर राशि डाली है। यह राशि समर्थन मूल्य और 3100 रुपए घोषित दर के बीच की है। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले दो वर्षों में समर्थन मूल्य में 117 और 89 रुपए, यानी कुल 206 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में अंतर राशि की गणना 3286 रुपए के आधार पर होनी चाहिए। बैज के मुताबिक, सरकार 3100 रुपए के हिसाब से भुगतान कर किसानों से अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी के हिसाब से 21×186 = 3906 रुपए प्रति एकड़ किसानों को नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है और इस हिसाब से करीब 2622 करोड़ रुपए किसानों को कम दिए गए हैं। धान खरीदी और अंतर राशि को लेकर अब प्रदेश में सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
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