रतलाम में लक्कड़पीठा क्षेत्र में सिटी फोरलेन बन रहा है। क्षेत्र में कई लोगों ने तय सीमा से अपने मकान और दुकानें बना रखी है। नगर निगम इन सभी पर निशान लगा चुका है। कई लोग स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटा चुके है। लेकिन अभी भी कई लोगों ने अपना कब्जा नहीं ह
मंगलवार को महापौर प्रहलाद पटेल, निगम कमिश्नर अनिल भाना व अन्य निगम अधिकारी लक्कड़पीठा क्षेत्र में पहुंचे। रहवासियों ने निगम अधिकारियों पर अपनी मनमर्जी से निशान लगा कर भेदभाव करने का आरोप लगाया। लोगों ने महापौर के सामने इस बात को लेकर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि शहर में कई स्थानों पर सिटी फोरलेन बनाया है। लेकिन तय सीमा में उस क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं हटाया। केवल लक्कड़पीठा क्षेत्र में ही यह कार्रवाई की जा रही है।
महापौर के सामने दुकानों के अंदर तक नपती की गई।
लोग स्वेच्छा से तोड़ चुके है अपने मकान
क्षेत्र में कई लोगों ने निगम द्वारा लगाए गए लाल निशान के बाद स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण तोड़ चुके है। दोपहर में महापौर और कमिश्नर को लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी। 18 मीटर चौड़ाई18 मीटर रोड चौड़ाई के हिसाब से जो निर्माण तोड़े जा रहे हैं। उसमें कई ऐसे लोगों को फायदा मिल रहा है जिनके निर्माण आगे बढ़े हुए हैं। जहां अभी भी पुराने और तय सीमा के अंदर मकान है। वहां से 18 मीटर की चौड़ाई नापने पर सामने के मकान के निर्माण को फायदा मिल रहा है। इसी की शिकायत लोगों ने की थी। इसी को लेकर सभी क्षेत्र में पहुंचे।

क्षेत्र में लोगों की भीड़ लग गई।
किसी के साथ पक्षपात नहीं
महापौर पटेल ने कहा कि रहवासी चाहते हैं तो पूरी लाइन एक सीध में कर देते हैं। इसके लिए दोनों और के पुराने मकान के हिसाब से सेंट्रल लाइन का निर्धारण किया जाएगा। उसके बाद नए सिरे से लाइन लगेगी। इसमें किसी के साथ भी पक्षपात नहीं होगा।वर्तमान में जो पुराने मकान अंदर है, उनकी वजह से सामने वाले मकान को फायदा मिल रहा है। इसके लिए अब दोनों और के पुराने मकान के हिसाब से सेंट्रल लाइन का निर्धारण होगा। रोड तो 18 मीटर की ही रहेगी, लेकिन फुटपाथ चौड़े हो जाएंगे। चांदनी चौक क्षेत्र में भी नपती की जाएगी।

लोगों ने इस तरह अपने मकान के आगे की हिस्से तोड़ चुके है।
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