गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस एवं मेट्रो कॉरिडोर की डीपीआर को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में इस परियोजना के तकनीकी, संरचनात्मक, फाइनेंस और क्रियान्वयन संबंधी सभी प्रमुख पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारीयों ने डीपीआर में प्रस्तावित रूट, स्टेशनों की संख्या, अनुमानित लागत, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। यह प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 60 किलोमीटर लंबा होगा, जो गुरुग्राम के इफ्को चौक से शुरू होकर फरीदाबाद के बाटा चौक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक जाएगा। इस बैठक में मंत्री राव नरबीर, विपुल गोयल के अलावा हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) के वरिष्ठ अधिकारी, एनसीआरटीसी प्रतिनिधि और अन्य संबंधित विभागों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। 30 मिनट में पहुंच सकेंगे ग्रेटर नोएडा इसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद में दो-दो स्टेशन, जबकि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में एक-एक प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। नमो भारत आरआरटीएस ट्रेन 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम स्पीड से चलने में सक्षम होंगी, जिससे गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा का सफर मात्र 25-30 मिनट में पूरा हो सकेगा। अभी गुरुग्राम से नोएडा के लगते हैं दो से तीन घंटे वर्तमान में सड़क मार्ग से यह यात्रा 2-3 घंटे लेती है, जिससे ट्रैफिक जाम, ईंधन खपत और प्रदूषण में भारी कमी आएगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) द्वारा तैयार डीपीआर में मेट्रो और आरआरटीएस के एकीकृत संचालन का भी प्रावधान है, खासकर गुरुग्राम से फरीदाबाद के शुरुआती 8-9 किमी हिस्से में, जहां मेट्रो सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। एनसीआरटीसी को हर संभव सहयोग मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक में कहा कि समग्र विकास, आधुनिक अवसंरचना और नागरिकों की सुविधा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनसीआरटीसी को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए ताकि परियोजना शीघ्र मंजूरी प्राप्त कर निर्माण कार्य शुरू हो सके। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट हाल ही में देश के प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेरठ कॉरिडोर का उद्घाटन किया है। प्रस्तावित गुरुग्राम-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस की सफलता के बाद एनसीआर में दूसरा बड़ा कदम होगा, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से हर क्षेत्र में तेजी आएगी यह परियोजना इन्वेस्टरों के लिए आकर्षक अवसर पैदा करेगी, क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक, आईटी और रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आएगी। फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा समय में कमी से दैनिक यात्रियों की भी सुविधा बढ़ेगी। डीपीआर की अंतिम मंजूरी पर फोकस मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विकसित हरियाणा ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की कुंजी है, और ऐसी परियोजनाएं इसी दिशा में प्रतिबद्धता दर्शाती हैं। अब डीपीआर की अंतिम मंजूरी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने पर फोकस रहेगा। यदि समय पर पूरा हुआ तो यह एनसीआर का सबसे महत्वाकांक्षी ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट साबित होगा, जो लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाएगा।
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