अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ नामक फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। महासभा ने बलरामपुर कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म में यादव समाज की छवि को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। महासभा के जिलाध्यक्ष व्यासमुनी यादव ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस फिल्म का निर्माण ओम ठकुरानी प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में यादव समाज को जिस तरह एक वर्ग विशेष के संदर्भ में दर्शाया गया है, वह समाज की गरिमा के प्रतिकूल है। महासभा ने कहा- समाज की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं ज्ञापन में महासभा ने उल्लेख किया है कि यादव समाज ने हमेशा राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में किसी भी माध्यम से समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना बड़े पैमाने पर पीड़ा और आक्रोश का कारण बन सकता है। संगठन के अनुसार, छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समाज के लोगों के बीच असंतोष का माहौल बन रहा है। फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग महासभा ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद या टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने मांग की है कि फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और इसकी निष्पक्ष तथा गहन जांच की जाए। इसके अतिरिक्त, महासभा ने केंद्र सरकार से भी इस मामले का संज्ञान लेने और राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की पहल करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इससे किसी भी प्रकार की जातिगत भावनाएं भड़कने से रोकी जा सकेंगी और सामाजिक समरसता बनी रहेगी। महासभा ने विश्वास व्यक्त किया है कि राष्ट्रपति सामाजिक न्याय और संवेदनशील नेतृत्व के अनुरूप संतुलित एवं न्यायपूर्ण निर्णय लेंगी।
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